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LPG Crisis: युद्ध का असर… धमतरी में लाल और नीले एलपीजी सिलेंडर के लिए मची मारामारी, सप्लाई बंद

LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का सीधा असर अब धमतरी जिले में भी देखने को मिल रहा है। वैश्विक स्तर पर उपजे तनाव के कारण पेट्रोलियम कंपनियों के सर्वर और लॉजिस्टिक चेन पर ऐसा ब्रेक लगा है कि जिले की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

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नीले सिलेंडर की सप्लाई बंद (फोटो सोर्स- पत्रिका)

नीले सिलेंडर की सप्लाई बंद (फोटो सोर्स- पत्रिका)

LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का सीधा असर अब धमतरी जिले में भी देखने को मिल रहा है। वैश्विक स्तर पर उपजे तनाव के कारण पेट्रोलियम कंपनियों के सर्वर और लॉजिस्टिक चेन पर ऐसा ब्रेक लगा है कि जिले की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उपभोक्ता मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप से बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। एजेंसियों में जाने के बाद भी उन्हें चक्कर काटना पड़ रहा है। पिछले 4 दिन से नीले सिलेंडर की सप्लाई बंद है। वहीं 14.2 किग्रा लाल एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए मारीमारी मची हुई है।

धमतरी जिले में 11 गैस एजेंसियां संचालित है। कुल 2.31 लाख घरेलू गैस कनेक्शन हैं। इमसें से 1.36 लाख उज्ज्वला योजना के हितग्राही शामिल हैं। उच्च स्तर पर बुकिंग पोर्टल के्रश होने से धमतरी की अधिकांश गैस एजेंसियों में पिछले 48 घंटों में एक भी बुुकिंग नहीं हो पाई है। सर्वर डाउन होने से उपभोक्ताओं के मोबाइल पर बुकिंग का कंफर्मेशन मैसेज भी नहीं आ रहा है, जिससे डिलीवरी ब्वाय सिलेंडर देने से इनकार कर रहे हैं। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक क्षेत्र पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। 19 किलोग्राम वाले नीले कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद होने से हॉटल व्यवसायियों की चिंता बढ़ गई है।

पत्रिका ने गुरूवार को शहर के प्रमुख गैस एजेंसियों की पड़ताल की। एजेंसियों में बुकिंग कराने समेत सिलेंडर लेने के लिए भारी भीड़ लगी थी। हरफतराई रोड स्थित एजेंसी पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे उपभोक्ता रामलाल साहू ने बताया कि वे तीन दिन से ऑनलाइन बुकिंग कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ओटीपी ही नहीं आ रहा। एजेंसी में आकर लाइन लगाकर खड़ा हूं, लेकिन सर्वर डाउन होने से लंबे इंतजार के बाद भी बुकिंग नहीं हो पाया। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिलने से अब हॉटल समेत रेस्टोरेंट में चोरी-छिपे लाल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग शुरू हो गया है।

LPG Crisis: आने वाले दिनों में बढ़ सकती है परेशानी

जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम नहीं हुआ, तो यह संकट केवल गैस तक सीमित नहीं रहेगा। पेट्रोल-डीजल की राशनिंग और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी उछाल आ सकता है। गैस एजेंसी संचालक मोहन अग्रवाल ने बताया कि सर्वर में तकनीकी दिक्कत होने की वजह से ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। हम मैन्युअल तरीके से लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।नीले सिलेंडर की सप्लाई नहीं हो रही है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों और कंपनी को पत्र लिखा गया है। लाल सिलेंडर की आपूर्ति हो रही है। उपभोक्ताओं को पैनिक होने की जरूरत नहीं है।

आखिर क्यों बिगड़े हालात

ग्लोबल सर्वर डाउन: पेट्रोलियम कंपनियों के डिजिटल ट्रांजेक्शन और डेटा सेंटर अंतर्राष्ट्रीय केबल्स और सैटेलाइट्स पर निर्भर हैं। युद्ध के कारण साइबर सुरक्षा के खतरों को देखते हुए कई गेटवे रिस्ट्रिक्ट कर दिए गए हैं। सप्लाई चेन पर असर: कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के कारण रिफाइनरियों से बॉटलिंग प्लांट तक गैस पहुंचने की गति धीमी कर दी गई है।

लकड़ी गुटका की बढ़ सकती है कीमत

आरा मिल संचालक सीताराम शर्मा, राहुल शर्मा ने बताया कि गुटके की क्वालिटी के हिसाब से प्रति किलो गुटका 3 रूपए से 5 रूपए किलो में बिक रहा है। वर्तमान में इसकी कीमत में कोई बढोतरी नहीं हुई है। यदि मांग बढ़ी तो कीमत बढऩे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

एजेंसियों के पास लाल सिलेंडर के पर्याप्त स्टॉक

खाद्य निरीक्षक नीलेश चंद्राकर ने कहा कि जिले में एलपीजी गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टाक है। उपभोक्ताओं को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग सुविधा क्रेस होने से परेशानी हो रही है। सिर्फ कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद हुई है, इसलिए उपभोक्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

हॉॅटल व्यवसासी संघ मिलेगा कलेक्टर से

धमतरी हॉटल व्यवसायी संघ के अध्यक्ष पदमाकर वाइकर ने बताया कि कॉमर्शियल सिलेंडर की किल्लत से परेशानी बढ़ी है। एक गैस एजेंसी में नीले सिलेंडर का स्टाक है, तब तक सप्लाई हो रही है। स्टाक खत्म होने के बाद हॉटल व्यवसायियों को डीजल चूल्हे का उपयोग करना पड़ेगा। पेट्रोलियम की किल्लत हुई तो हॉटल व्यवसायी लकड़ी के गुटखे का उपयोग करेंगे। हॉॅटल व्यवसायी संघ के सदस्यों की आपात बैठक बुलाई गई है। कलेक्टर से मुलाकात कर समस्या का वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की मांग करेंगे।