24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

900 पेयजल योजनाओं से पानी की सप्लाई हो सकती है ठप, चेतावनी से शासन में खलबली

Contractors Association's Warning : जल जीवन मिशन से बनी करीब 900 पेयजल योजनाओं का पानी जल्द ही बंद हो सकता है। कांट्रेक्टर एसोसिएशन की चेतावनी से शासन में खलबली मची हुई है। पेयजल सप्लाई ठप होने से हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

2 min read
Google source verification
Water supply from nearly 900 drinking water schemes constructed under the Jal Jeevan Mission in Uttarakhand could be disrupted

एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक फोटो

Contractors Association's Warning : जल जीवन मिशन की 900 पेयजल योजनाओं से पानी की सप्लाई ठप हो सकती है। बता दें कि उत्तराखंड में जल जीवन मिशन के तहत बनी पेयजल योजनाओं का संचालन ठेकेदारों की प्राइवेट कंपनियों के माध्यम से हो रहा है। इन्हीं कंपनियों का स्टाफ इन योजनाओं का संचालन भी कर रहा है। इन कंपनियों को जल निगम और जल संस्थान की ओर से योजनाओं के निर्माण की एवज में करीब 4000 हजार करोड़ का भुगतान करना है। केंद्र सरकार से दो साल से जल जीवन मिशन में बजट आवंटित नहीं किया गया है। इससे जल जीवन मिशन प्रोजेक्ट गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। पेयजल योजनाओं का निर्माण करने वाले ठेकेदार मोर्चा खोले हुए हैं। वे भुगतान न होने पर निर्माणाधीन योजनाओं के साथ ही चालू पेयजल योजनाओं को बंद करने की चेतावनी दे रहे हैं। इधर, पेयजल सचिव शैलेश बगौली के मुताबिक, पूरा प्रयास किया जा रहा है कि केंद्र सरकार से जल्द से जल्द बजट आवंटित कराया जाए। केंद्र की ओर से जो भी मानक, नियम तय किए गए थे, वे पूरे कर लिए गए हैं। तेजी से रिफॉर्म पर काम चल रहा है।

भुगतान के कारण फंसा हुआ है पेंच

जल जीवन मिशन की स्रोत आधारित पेयजल योजनाओं के साथ ही कई अन्य योजनाओं का काम पूरा हो चुका है। भुगतान न होने के कारण एजेंसियां योजनाओं को हैंडओवर नहीं कर पा रही हैं। इससे इन योजनाओं का संचालन ठेकेदार फर्म ही कर रही हैं। उन्हीं के ऑपरेटर योजनाओं का संचालन कर रहे हैं। अब ठेकेदारों ने बजट न मिलने पर इन योजनाओं का संचालन बंद करने की चेतावनी दी है। देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सचिन मित्तल ने कहा कि कंपनियों के पास अब ऑपरेटरों के वेतन देने का पैसा नहीं है। ऐसे में अब योजनाओं का संचालन और अधिक समय तक नहीं किया जा सकता।

इन जिलों में इतनी योजनाएं होंगी प्रभावित

जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं में सबसे अधिक नैनीताल जिले में प्रभावित हैं। नैनीताल में 171 पेयजल योजनाओं का काम लटका हुआ है। इसके बाद अल्मोड़ा जिले में 168 योजनाएं लंबित हैं। चंपावत में 152 योजनाओं का काम प्रभावित है। 106 चमोली, 107 यूएसनगर, 84 योजनाएं उत्तरकाशी, 83 रुद्रप्रयाग, 67 पिथौरागढ़, बागेश्वर 23, 21 टिहरी, 35 पौड़ी, 75 हरिद्वार, 27 देहरादून में अधर में हैं।