
अर्जुन हत्याकांड में मां सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है
Arjun Murder Case : पुलिस ने अर्जुन हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। शहीद कर्नल की पत्नी ने ही दो अन्य लोगों के साथ मिलकर बेटे की शूटरों से हत्या करवा डाली। देहरादून के तिब्बती मार्केट के बाहर बुधवार को शहीद कर्नल आरसी शर्मा के पुत्र अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना से पूरे राज्य में सननसनी फैल गई थी। इस मामले में मृतक की पत्नी अभिलाषा ने अपनी सास बीना शर्मा, उनके परिचित विनोद उनिलाया, विनोद की पत्नी संगीता और एसके मेमोरियल अस्पताल के संचालक डॉ. अजय खन्ना पर हत्या का शक जाहिर करते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी थी। एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया था। शार्प शूटरों और अन्य आरोपियों की धरपकड़ के दौरान लालतप्पड़ क्षेत्र में मुठभेड़ हुई। दो अलग-अलग स्थानों पर हुईं मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने शूटर पंकज राणा निवासी इंदिरा कॉलोनी चुक्खुवाला और उसके भारी राजीव उर्फ राजू को दबोच लिया। मुठभेड़ के दौरान दोनों ही शूटरों के पैरों में गोलियां भी लगीं। दोनों शूटरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मृतक की मां, डॉ. अजय खन्ना और विनोद उनियाल को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के खुलासे से लोग हैरान हैं।
अर्जुन की हत्या के लिए उसकी मां बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना ने दोनों शूटरों को सुपारी दी थी। शूटर अर्जुन की मौत का सौदा 15 लाख में करने पर अड़े हुए थे, लेकिन बाद में ये डील 12 लाख रुपये में तय हो गई थी। अर्जुन की मां बीना, विनोद उनियाल और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय खन्ना कोगिरफ्तार किया। शूटर पंकज विनोद उनियाल का ड्राइवर है। मां ने शूटरों को अर्जुन की लोकशन भी भेजी थी। इसके लिए मां ने अर्जुन की गैस एजेंसी के कर्मचारियों से उसकी लोकेशन पूछी थी। उसके बाद शूटरों को मौके पर भेज अर्जुन की हत्या करवा दी गई थी।
अर्जुन हत्याकांड के पीछे सबसे बड़ी वजह जीएमएस रोड पर करीब 14 करोड़ की जमीन बनी। विवाद की आग तब भड़की जब विनोद के इशारे पर बीना ने जीएमएस रोड की करोड़ों की जमीन डॉ. अजय खन्ना को बेच दी। अर्जुन को इस सौदे की भनक लगी तो उसने रोड़ा अटका दिया। जमीन पर चार करोड़ का कर्ज था। बीना ने गुपचुप तरीके से डॉ. खन्ना से पैसे लेकर लोन चुकाया और 14 करोड़ में रजिस्ट्री कर डाली। हैरत की बात यह थी कि इस रकम में से आठ करोड़ रुपये अगले ही दिन बीना ने विनोद उनियाल के खाते में डाल दिए थे। सौदे में एक खतरनाक शर्त थी कि अगर कब्जा नहीं मिला, तो डॉ. खन्ना को दोगुनी रकम लौटानी होगी। अर्जुन ने कोर्ट से स्टे ले लिया। अब न कब्जा मिल सकता था, न पैसे वापस थे। आरोपी 28 करोड़ के भारी-भरकम बोझ के नीचे दबने लगे। जब अर्जुन ने स्टे हटाने और पैसे देने से इनकार कर दिया, तो मां की ममता पर लालच की छाया आन पड़ी। बीना, विनोद और डॉ. खन्ना ने सुपारी किलर बुलाकर अर्जुन को मौत के घाट उतरवा दिया।
Updated on:
13 Feb 2026 08:35 am
Published on:
13 Feb 2026 08:34 am
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