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देहरादून, Jun 02, 2026

10 महीने तक बहू को कमरे और टॉयलेट में रखा कैद, कच्चे चावल-प्याज खिलाए, उत्तराखंड का मामला

Dehradun Crime News: उत्तराखंड से एक खौफनाक मामला सामने आया है। ससुराल वालों ने 300 दिनों तक अपनी बहू को टॉयलेट में कैद रखा। सास, ससुर और पति पर मारपीट और अमानवीय यातनाएं देने का केस दर्ज हुआ है। जानिए क्या है पूरा मामला...

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10 महीने तक बहू को टॉयलेट में रखा कैद (फोटो- पत्रिका)

Woman Tortured In Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां सेलाकुई इलाके में एक विवाहिता के लिए उसका ससुराल "नर्क" बन गया। महिला को करीब 10 महीने यानी लगभग 300 दिनों तक कमरे और टॉयलेट में कैद रखा गया। इस दौरान उसे टॉर्चर किया गया। हैवानियत की हद तो तब हो गई जब पीड़िता को खाने में कच्चे चावल, प्याज, नमक और हरी मिर्च दिया गया। इतना ही नहीं उसे उसके नवजात जुड़वां बच्चों से भी दूर रखा गया। पुलिस ने पिता की शिकायत पर पति, सास और ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

10 महीने तक टॉयलेट और कमरे में रखा कैद

पीड़िता के पिता ने अपनी शिकायत में बताया है कि उनकी बेटी को जुलाई 2025 से मई 2026 तक घर के एक कमरे और टॉयलेट में बंद करके रखा गया। उसे सुबह से रात तक बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी। उसका बाहरी दुनिया और मायके वालों से पूरी तरह संपर्क काट दिया गया था। जब भी मायके वाले संपर्क करने की कोशिश करते तो ससुराल वाले कोई न कोई बहाना बनाकर बात टाल देते थे।

डंडों से पीटा प्राइवेट पार्ट पर किया वार

एफआईआर के मुताबिक महिला को डंडों, पाइप, लोहे के तार और कुर्सी से बेरहमी से पीटा जाता था। शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। आरोप है कि हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए महिला के संवेदनशील अंगों पर भी डंडे से वार किया गया, जिससे उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति बहुत खराब हो गई।

खाने में दिए कच्चे चावल-प्याज

महिला ने फरवरी 2025 में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। लेकिन ससुराल में उसे अपने ही बच्चों को गोद में लेने तक नहीं दिया जाता था। उसे भूखा रखा गया और खाने के नाम पर सिर्फ कच्चे चावल, एक प्याज, नमक और हरी मिर्च दी जाती थी। आरोप है कि महिला का पति राहुल खंडूड़ी जब भी नौकरी से छुट्टी लेकर घर आता था वह भी अपनी पत्नी के साथ मारपीट और गाली गलौज करता था।

रेस्क्यू के वक्त भूल चुकी थी दिन और तारीख

जब मायके वालों का लंबे समय तक बेटी से संपर्क नहीं हुआ तो पिता स्थानीय प्रधान और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ससुराल पहुंचे। घर के अंदर जाने पर उन्हें बेटी की खौफनाक हालत का पता चला। जिसके बाद पीड़िता को वहां से बाहर निकाला गया। परिजनों के मुताबिक उस वक्त महिला की मानसिक हालत इतनी खराब थी कि उसे दिन, तारीख, महीना और साल भी याद नहीं था।

पुलिस कर रही मामले की जांच

सेलाकुई थाना पुलिस ने पिता की तहरीर और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पति राहुल खंडूड़ी, सास और ससुर के खिलाफ बीएनएस की अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सबूतों के आधार पर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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