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अंकिता भंडारी हत्याकांड : आज उत्तराखंड बंद का आह्वान, जानें कितना पड़ सकता है असर

Ankita Bhandari Murder Case : अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग पर आज विभिन्न संगठनों ने उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है। इसे लेकर कल शाम देहरादून में कैंडल मार्च भी निकाला गया था। सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद भी विभिन्न संगठन उत्तराखंड बंद के आह्वान पर अडिग हैं।

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A statewide shutdown has been called in Uttarakhand today to demand a CBI investigation into the Ankita Bhandari murder case

अंकिता को इंसाफ दिलाने की मांग पर आज विभिन्न संगठनों ने उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है। फाइल फोटो

Ankita Bhandari Murder Case अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद भी उत्तराखंड बंद के आह्वान पर विभिन्न संगठन अडिग हैं। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने आज उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है। इससे पहले शनिवार को कचहरी परिसर स्थित शहीद स्मारक स्थल पर राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों की बैठक बुलाई गई। संयुक्त बैठक के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि आज यानी रविवार को उत्तराखंड बंद यथावत रहेगा। सभी संगठनों ने एक स्वर में स्पष्ट किया है कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई से नहीं कराई जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने व्यापारी संगठनों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की है। इधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नेताओं ने बैठक कर कहा कि जनता के दबाव में सरकार ने अंकिता हत्याकांड के मामले की सीबीआई जांच का निर्णय लिया है। सचिव अनंत आकाश ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पार्टी हर संभव लड़ाई लड़ेगी। इधर, आज बंदी के ऐलान पर पुलिस भी अलर्ट मोड पर है। पुलिस ने चेताया है कि यदि किसी व्यापारी की दुकान जबरन बंद कराने की कोशिश की जाती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।

देहरादून में मशाल जुलूस

अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले शनिवार को सामाजिक संगठन और तमाम लोग शनिवार शाम देहरादून के गांधी पार्क के बाहर एकत्र हुए। यहां से शहीद स्मारक कचहरी तक मशाल जुलूस निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने वीआईपी का पता नहीं लगने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में हो। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कमला पंत, गरिमा दसौनी मौजूद थे। उधर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रवासी उत्तराखंडी संगठनों ने सीबीआई जांच की संस्तुति को सकारात्मक कदम बताया है। साथ ही इस जांच को सुप्रीम कोर्ट के किसी सिटिंग जज की देखरेख में कराए जाने की मांग की है।

व्यापारियों ने वापस लिया बंद का फैसला

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर तीन दिन पहले विभिन्न संगठनों ने उत्तराखंड बंद का आह्वान किया था। तब इसमें व्यापारी संगठन और टैक्सी यूनियनें भी शामिल थी। मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद कल व्यापारी संगठनों ने उत्तराखंड बंद के आह्वान को वापस ले लिया है। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया है कि राज्य भर के बाजार रोजमर्रा की भांति खुले रहेंगे, जिससे कारोबारियों और आम जनता के बीच बनी दुविधा खत्म हो गई है। इसी प्रकार टैक्सी यूनियनों ने भी बंद का ऐलान वापस ले लिया है। इससे साफ है कि आज राज्य में अधिकांश बाजार खुले रहेंगे और सड़कों पर वाहन निर्बाध चलते रहेंगे।


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