दौसा, May 30, 2026

दौसा में आए अंधड़ में विद्युत ट्रांसफार्मर गिरा (फोटो-पत्रिका)
दौसा। जिले में शुक्रवार शाम आए तेज अंधड़ और बारिश ने व्यापक तबाही मचाई। सबसे अधिक असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ा, जहां सैकड़ों बिजली पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। कई क्षेत्रों में पूरी रात बिजली गुल रही, वहीं आकाशीय बिजली, पेड़ गिरने और करंट की घटनाओं ने लोगों और पशुधन को भी नुकसान पहुंचाया। इस दौरान लालसोट में एक युवक की मौत हो गई। पूरे जिले में सड़कों पर कई जगह पेड़ गिर गए, जिससे आवागमन बाधित हो गया।
तेज अंधड़ के कारण दौसा विद्युत वृत का लगभग पूरा बिजली तंत्र प्रभावित हो गया। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता एम.एल. मीना के अनुसार जिले में कुल 409 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए, जबकि 63 वितरण ट्रांसफार्मर धराशायी हो गए। 33 केवी के सभी सात फीडरों में फॉल्ट आने से मरम्मत कार्य भी प्रभावित हुआ।
हालात ऐसे बने कि जिले के 297 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। निगम की टीमें पूरी रात फील्ड में जुटी रहीं और अब तक 270 गांवों में बिजली बहाल कर दी गई है। सबसे अधिक नुकसान लालसोट, रामगढ़ पचवारा, सैंथल और दौसा क्षेत्र में दर्ज किया गया।
अंधड़ का सबसे ज्यादा असर लालसोट और रामगढ़ पचवारा उपखंड में देखने को मिला। दोनों क्षेत्रों में कुल 181 बिजली पोल और 33 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। लालसोट में 11 केवी के 78, एलटी के 11 और 33 केवी के 4 पोल टूट गए, जबकि 21 ट्रांसफार्मर गिर गए। रामगढ़ पचवारा में भी 80 से अधिक पोल और करीब एक दर्जन ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए। कई गांवों में शनिवार दोपहर तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इसी दौरान थूणियाधिराजपुरा गांव में चल रहे मत्स्य महायज्ञ में लगे दो विशाल डोम गिर गए और टेंट उड़ गए। हालांकि समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा देने से बड़ा हादसा टल गया।
नांगल राजावतान क्षेत्र में भी आंधी और बारिश का व्यापक असर देखने को मिला। उपखंड मुख्यालय सहित आसपास के गांवों में करीब एक दर्जन बिजली पोल टूटकर गिर गए। उदयपुरिया, बीगावास, किशोरपुरा, कानपुरा, आलूदा और लाडलीकावास गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। रातभर ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर रहे, जबकि निगम की टीमें फॉल्ट सुधारने में जुटी रहीं।
बड़ियाल कलां क्षेत्र के धांधोलाई गांव स्थित छींडी वाली ढाणी में शुक्रवार रात आकाशीय बिजली गिरने से रंगलाल सैनी और उनकी पत्नी सुशीला सैनी गंभीर रूप से झुलस गए। बिजली गिरने से पास में बना छप्पर भी जल उठा। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से दोनों को तत्काल बांदीकुई उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
अंधड़ का असर केवल लोगों तक सीमित नहीं रहा। गीजगढ़ क्षेत्र की फर्राशपुरा ग्राम पंचायत की बाड़ा ढाणी में नीम का पेड़ गिरने से पशुपालक दिनेश शर्मा की भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पाडली बाढ़ गांव में विद्युत पोल में करंट उतरने से एक भेड़ सहित दो पशुओं की मौत हो गई, जिससे पशुपालक को करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ। दूसरी ओर अचलपुरा गांव में तेज अंधड़ के दौरान एक राष्ट्रीय पक्षी मोर घायल हो गया, जिसे वन विभाग की टीम ने उपचार के लिए अपने संरक्षण में लिया।
प्रशासन और विद्युत निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत एवं बहाली कार्य में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि शेष प्रभावित गांवों में जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। मौसम विभाग की ओर से आगामी दिनों में भी तेज हवा और अंधड़ की संभावना जताई गई है, ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।
Updated on: 30 May 2026 09:16 pm



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