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वैभव सूर्यवंशी को बड़ा क्रिकेटर नहीं मानते उनके पिता, रखा उनके सामने ये बड़ा चैलेंज

अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल के स्टार वैभव सूर्यवंशी के पिता ने साफ कहा है कि टेस्ट क्रिकेट खेले बिना कोई बड़ा क्रिकेटर नहीं बनता।

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Vaibhav Suryavanshi

वैभव सूर्यवंशी (फोटो- ESPNcricinfo)

Vaibhav Suryavanshi Father Statement: आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में शानदार प्रदर्शन कर भारत को धमाकेदार जीत दिलाने वाले वैभव सूर्यवंशी चर्चा का विषय बने हुए हैं। वर्ल्ड कप में उनकी ताबड़तोड़ पारी ने न सिर्फ टीम इंडिया को खिताब दिलाया, बल्कि उन्हें भविष्य का स्टार भी बना दिया। बिहार से आने वाले सूर्यवंशी ने बहुत ही कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया है। लेकिन, उनकी इस सफलता के बीच वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि बिना टेस्ट क्रिकेट खेले वह उनको बड़ा क्रिकेटर नहीं मान सकते।

असली पहचान टेस्ट क्रिकेट से

वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी का मानना है कि असली क्रिकेटर की पहचान टेस्ट क्रिकेट से होती है। उनका कहना है, "जब तक मेरा बेटा टेस्ट नहीं खेलेगा, मैं उसे बड़ा क्रिकेटर नहीं मानूंगा।" उन्होंने यह भी कहा कि सीमित ओवरों की क्रिकेट में शोहरत जल्दी मिल जाती है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट धीरज और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा है। संजीव सूर्यवंशी के मुताबिक वैभव को अभी लंबा सफर तय करना है और उसे शुरुआत से ही बडी सोच के साथ आगे बढ़ना होगा।

कोच की भूमिका भी अहम

वैभव की कामयाबी के पीछे परिवार और कोच की बड़ी भूमिका रही है। उनके कोच मनीष ओझा बताते हैं कि वैभव की लोकप्रियता के बाद उन्हें कई मैसेज आने लगे, लेकिन परिवार ने उसे हमेशा साधारण रहने की सीख दी। वैभव भी मानते हैं कि उन्हें अभी बहुत कुछ सीखना है और हर मैच को नई शुरुआत की तरह लेना होगा। कोच ओझा ने वैभव की सफलता पर कहा कि अब दूसरे लोग भी अपने बच्चों को खेलने के लिए प्रेरित करेंगे।

अंडर 19 वर्ल्ड कप में धमाकेदार प्रदर्शन

अंडर 19 वर्ल्ड कप में वैभव सूर्यवंशी ने जिस तरह का खेल दिखाया, उसने सभी का ध्यान खींचा। फाइनल मुकाबले में उनकी विस्फोटक पारी ने भारत को छठी बार खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस मुकाबले में उन्होंने मात्र 80 गेंदों में 175 रन जड़ दिए थे। इस पारी के दौरान उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के जड़े और 218.75 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ भी तेज गति से रन बटोर कर टीम को 300 से अधिक के लक्ष्य का पीछा करने में अहम भूमिका निभाई।