भारत, May 29, 2026

वैभव सूर्यवंशी (फोटो सोर्स: IANS)
Vaibhav Sooryavanshi Secrets: आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के दिग्गज कप्तान पैट कमिंस के सभी प्लान को मुल्लांपुर में वैभव सूर्यवंशी ने बिना पलक झपकाए ध्वस्त कर दिया। अपनी विस्फोटक पारी में 15 वर्षीय लड़के ने छक्कों की बारिश कर 'यूनिवर्स बॉस' क्रिस गेल के 2015 के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया, जिसके बाद वह दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गए। लेकिन, 1,300 किलोमीटर दूर बिहार के समस्तीपुर जिले से 12 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव ताजपुर में कोई भी हैरान नहीं था और रवि प्रकाश झा, जो वैभव सूर्यवंशी को तब से बॉलिंग कर रहे हैं, जब वो पांच साल का था, उनमें से एक थे।
प्रकाश ने टीओआई को बताया कि गांव के लोग सूर्यवंशी के घर के अंदर जमा हो गए और उस होनहार को वो करते हुए देखा जो उन्होंने उसे सालों से करते देखा था। अपनी उम्र से दोगुनी उम्र के बॉलरों को घुटने टेकने पर मजबूर करना। जब सूर्यवंशी शतक से चूक गए, तो थोड़ी देर के लिए निराशा हुई, फिर सबने मिलकर कहा, 'कोई बात नहीं, अगले मैच में आ जाएगा।'
जब सूर्यवंशी की तूफानी पारी 29 गेंदों में 97 रन बनाने के बाद खत्म हुई, तो स्टेडियम में शायद ही कोई ऐसा था, जो हैरान ना हो। उन्होंने पहली 16 गेंदों में आठ छक्के मारे। बुक क्रिकेट में भी हर दो गेंदों पर छक्का लगाने की कल्पना करना मुश्किल है। इस पर प्रकाश ने हंसते हुए कहा कि यह बुक क्रिकेट वह 8 साल की उम्र से खेल रहा है।
22 साल के रवि प्रकाश झा वैभव सूर्यवंशी को तब से बॉलिंग कर रहे हैं, जब वह पांच साल के थे और वह खुद 12 साल के थे। उन्होंने धूप में लंबे समय तक बिताए शुरुआती दिनों के कुछ किस्से शेयर करते हुए बताया कि 'बहुत कम लोग जानते हैं कि जब वह आठ साल का था, तब उसे बिहार की अंडर-19 टीम के लिए चुना गया था। उसे उसकी उम्र की वजह से नहीं चुना गया था।
उन्होंने बताया कि पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में अंडर-12 के एक मैच में वैभव ने 153 रन बनाए। उसने 15 छक्के मारे, लेकिन उनमें से सात गेंदों का पता नहीं चल सका, क्योंकि वे मैदान के बाहर गिरी थीं। झा आगे कहा कि 2022 में 12 साल की उम्र में बिहार के रणजी ट्रॉफी के संभावित खिलाड़ियों में चुने जाने से तीन हफ्ते पहले, उसकी उम्र को लेकर आरोप लगे थे।
झा ने बताया कि इसके बाद बीसीसीआई ने उसे बेंगलुरु बुलाया, जहां उसका बोन टेस्ट हुआ। वीवीएस लक्ष्मण सर इन अटकलों को हमेशा के लिए खत्म करना चाहते थे। वह सिर्फ 15 साल का है और इतनी कम उम्र में, वह उन चीजों से गुजर चुका है, जो एक 30 साल का आदमी भी नहीं गुजरा होगा। सब टेम्परामेंट का खेल है और वैभव पर भोले का हाथ है।
झा ने याद करते हुए बताया कि अगर कोई उसे एक बार आउट कर देता है, तो उसके बाद वह बॉलर मुश्किल में पड़ जाता है। एक दिन मैंने उसे दो बार आउट किया और फिर उसने मुझे इतना पीटा कि मुझे यकीन नहीं हुआ। उसने इतनी जोर से पुल शॉट मारा कि प्रैक्टिस नेट फट गया।
शुक्रवार को सिराज और सूर्यवंशी के बीच मुकाबला एक बार फिर देखने लायक सबसे दिलचस्प मुकाबलों में से एक होगा। पिछली मुलाकात में आउट होने से पहले इस टीनेजर ने सिराज को तीन शानदार बाउंड्री लगाई थीं। अब वे फिर से एक-दूसरे का सामना करने के लिए तैयार हैं।
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Published on: 29 May 2026 01:32 pm

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