भारत, Jun 04, 2026

वैभव सूर्यवंशी (फोटो सोर्स: IANS)
Vaibhav Sooryavanshi age Controversy: आईपीएल 2026 में बड़े-बड़े गेंदबाजों के छक्के छुड़ा देने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वह अपने खेल को लेकर नहीं, बल्कि उम्र को लेकर हैं। क्योंकि, आस्ट्रेलियन न्यूज पोर्टल फॉक्स स्पोर्ट्स ने अपनी रिपार्ट में अलग-अलग दावों का जिक्र करते हुए एक नई बहस छेड़ दी है। इस रिपोर्ट में क्रिकेट एट अल के हवाले से सूर्यवंशी को 20 साल का बताया गया है तो बीएनएन न्यूज बेनीपट्टी का कहना है कि वह इसी साल 17 के हो जाएंगे। जबकि कागजों में वह 15 साल के हैं।
इसी बीच, मंगलवार को क्रिकेट एट अल के गिडियन हेग ने बताया कि पिछले साल उम्र के बारे में एक ऑफिशियल सवाल के जवाब में सूर्यवंशी ने कहा कि वह 19 साल का है। इसका मतलब है कि वह 20 साल के हैं। हेग ने लिखा कि जिस सोर्स को मैं भरोसेमंद मानता हूं, वह मेरा नहीं है, लेकिन उसके पास झूठ बोलने का कोई कारण भी नहीं होगा। नतीजा यह है कि अभी मुझे ठीक से समझ नहीं आ रहा कि क्या सोचूं।
जबकि, बीएनएन न्यूज बेनीपट्टी के साथ एक इंटरव्यू के दौरान 2023 में खुद सूर्यवंशी ने बताया कि वह उस साल सितंबर में 14 साल का हो जाएगा, जिसके मुताबिक, इस साल 17 साल का हो जाएगा, जो कागजों में दर्ज उम्र से लगभग अठारह महीने बड़ा है।
क्रिकबज के अनुसार, ऑफिशियली वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था। इस तरह वह अब 15 साल के हो गए हैं। उन्होंने अपना आईपीएल डेब्यू 19 अप्रैल 2025 को राजस्थान रॉयल्स के लिए लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मुकाबले से किया था, तब वह 14 साल के थे।
पिछले साल जब वैभव ने आईपीएल में सबसे कम उम्र में शतक बनाने का रिकॉर्ड बनाया था, तब भी यह मुद्दा उठा था। उस समय सूर्यवंशी के पिता संजीव ने पुरजोर बचाव करते हुए जोर देकर कहा था कि इसे साबित करने के लिए उसने बोन टेस्टिंग करवाई है।
संजीव ने बताया था कि जब वह साढ़े आठ साल का था, तो उसने पहली बार बीसीसीआई में बोन टेस्ट दिया था। उन्होंने कहा कि वह पहले ही इंडिया अंडर-19 के लिए खेल चुका है। हमें किसी से डर नहीं है। वह फिर से एज टेस्ट करवा सकता है। मेरे बेटे ने बहुत मेहनत की है। आठ साल की उम्र में अंडर-16 डिस्ट्रिक्ट ट्रायल्स में बहुत अच्छा किया।
इसके बावजूद, सोशल मीडिया पर कमेंट करने वालों ने सूर्यवंशी और उसके परिवार पर कागजों में हेरफेर करने, उसकी उम्र बदलकर उसे जवानी में छोटे बच्चों के खिलाफ खेलने देने का आरोप लगाया। ऐसे भी सुझाव हैं कि बीसीसीआई रणजी ट्रॉफी से अनुभवी खिलाड़ियों को चुनने के बजाय युवा टैलेंट को नेशनल सेट-अप में तेजी से लाने पर ज्यादा ध्यान देता है, जिससे सिस्टम में हेरफेर करने का और बढ़ावा मिलता है।
भारत में युवा क्रिकेटरों का अपनी उम्र में हेरफेर करने की कोशिश करना कोई असामान्य बात नहीं है। क्रिकबज के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और उसके राज्य संघों ने पाया कि कुछ माता-पिता असली खिलाड़ियों की जगह छोटे भाई-बहनों को बोन टेस्टिंग के लिए भेज रहे थे।
बता दें कि पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने 10 साल पहले इस मुद्दे को माना था। उन्होंने 2015 में कहा था कि बॉलिंग एक्शन के मामले की तरह, शॉर्ट-टर्म नतीजों पर भी इसी तरह जोर दिया जाता है, जिसकी वजह से जूनियर मैचों में ज्यादा उम्र के खिलाड़ियों की दिक्कतें बढ़ी हैं। यह पूरी एक्सरसाइज तब शुरू होती है, जब कोई कोच किसी खिलाड़ी की जन्मतिथि बदल देता है, ताकि वह किसी लोकल टूर्नामेंट में हिस्सा ले सके।
माता-पिता एक या दो साल ज्यादा देने की अहमियत को खुशी-खुशी मान लेते हैं, खासकर जूनियर क्रिकेट में और मिडिल स्कूल में पढ़ाई के मामले में। सच तो यह है कि जिस खिलाड़ी ने अपनी उम्र गलत बताई है, वह जूनियर लेवल पर इसलिए नहीं पहुंच सकता कि वह बेहतर या ज्यादा टैलेंटेड है, बल्कि इसलिए कि वह ज्यादा मजबूत और बड़ा है। हम सब जानते हैं कि उस उम्र में कुछ साल कितना फर्क ला सकते हैं।
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Updated on: 04 Jun 2026 01:03 pm

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