
भारत बनाम पाकिस्तान अंडर 19 मैच (फोटो- ICC)
IND U19 vs PAK U19: अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 में सुपर सिक्स के आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम का सामना पाकिस्तान से हो रहा है। यह मुकाबला सेमीफाइनल के लिहाज से बेहद अहम है। अगर पाकिस्तान इस मैच में बड़ी जीत हासिल करता है, तभी वह सेमीफाइनल में जगह बना पाएगा। कुल मिलाकर पाकिस्तान को इतने रन या इतने विकेट से, और तय ओवरों के भीतर जीत दर्ज करनी होगी कि वह भारत के नेट रन रेट से आगे निकल सके।
आपको बता दें कि भारतीय टीम के 6 अंक हैं और उसका नेट रन रेट +3.33 है, जबकि पाकिस्तान का नेट रन रेट +1.48 है और उसके 4 अंक हैं। ऐसे में पाकिस्तान को बड़े अंतर से जीत दर्ज करने की जरूरत है। इस मुकाबले में भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी कर रही है। इस दौरान पाकिस्तान अंडर-19 टीम के मेंटर और पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद को ड्रेसिंग रूम में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए देखा गया, जो आईसीसी के नियमों के खिलाफ है। हालांकि उन्होंने तुरंत ही मोबाइल का इस्तेमाल बंद कर दिया, लेकिन अगर आईसीसी इस पर संज्ञान लेता है तो उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
अब सवाल यह है कि आखिर मैच के दौरान खिलाड़ी या कोचिंग स्टाफ ड्रेसिंग रूम या लॉबी में मोबाइल फोन का इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकता। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग को रोकने के लिए आईसीसी ने यह नियम बनाया है कि ड्रेसिंग रूम में मोबाइल फोन या किसी भी तरह के कम्युनिकेशन डिवाइस का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
अगर कोई खिलाड़ी या कोचिंग स्टाफ इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। पहली बार अगर कोई व्यक्ति बिना किसी गलत इरादे के पकड़ा जाता है, तो उसकी मैच फीस का एक छोटा हिस्सा काटा जा सकता है या चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है। वहीं अगर मामला गंभीर हो और यह साबित हो जाए कि जानबूझकर फोन का इस्तेमाल किया गया है, तो भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और जांच भी हो सकती है। अगर किसी खिलाड़ी पर सट्टेबाजों से संपर्क करने का संदेह मिलता है, तो उस पर आजीवन प्रतिबंध तक लगाया जा सकता है।
आपको बता दें कि साल 2018 में पाकिस्तान के खिलाड़ियों को लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान स्मार्ट वॉच पहने देखा गया था, जिसके बाद आईसीसी ने उन्हें तुरंत उतारने की चेतावनी दी थी। 2022 महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को ड्रेसिंग रूम में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था, लेकिन चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। हालांकि 2019 में शाकिब अल हसन को आईसीसी नियमों के उल्लंघन के मामले में बैन झेलना पड़ा था।
शाकिब पर आरोप था कि उनके मोबाइल फोन पर एक सट्टेबाज ने संपर्क करने की कोशिश की थी। भले ही उन्होंने न तो मैच फिक्सिंग की और न ही ड्रेसिंग रूम में फोन का इस्तेमाल किया, लेकिन आईसीसी ने इसे उनकी लापरवाही माना और उन पर दो साल का प्रतिबंध लगाया, जिसे बाद में घटाकर एक साल कर दिया गया।
Published on:
01 Feb 2026 04:56 pm

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