
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में 7 फरवरी से आयोजित होगा (फोटो- ICC)
T20 World Cup 2026 Visa Controversy: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने जा रहा है। लेकिन शुरू होने से पहले ही यह कई सारी परेशानियों से घिरता हुआ नजर आ रहा है। भारत का पहले बांग्लादेश से वेन्यू को लेकर विवाद छिड़ा था, जिसका अभी तक कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकल पाया है। अब एक और कॉन्ट्रोवर्सी भारत की मेजबानी पर सवाल उठा रही है।
टूर्नामेंट से पहले पाकिस्तान के खिलाड़ियों के वीजा से जुड़ा विवाद सुर्खियों में आ गया है। यूएसए और इंग्लैंड की टीमों के पाकिस्तान मूल के खिलाड़ियों को समय पर भारतीय वीजा नहीं मिलने से अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या सभी पाकिस्तानी मूल के विदेशी खिलाड़ी बिना किसी अड़चन के इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले पाएंगे। क्योंकि इस टूर्नामेंट में आठ टीमें ऐसी हैं, जिनमें पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी हैं।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कई ऐसी टीमें हैं, जिनके खिलाड़ी पाकिस्तान में जन्मे हैं या जिनकी पारिवारिक जड़ें पाकिस्तान से जुड़ी हैं। सबसे पहले यूएसए की टीम के खिलाड़ी इसकी चपेट में आए। यूएसए के तेज गेंदबाज अली खान, बल्लेबाज शायन जहांगीर, ऑलराउंडर मोहम्मद मोहसिन और तेज गेंदबाज एहसान आदिल को समय पर भारतीय वीजा नहीं मिला। इन खिलाड़ियों के बिना यूएसए टीम की तैयारी प्रभावित हुई और मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
इसके बाद इंग्लैंड टीम के अनुभवी लेग स्पिनर आदिल राशिद और युवा खिलाड़ी रेहान अहमद, जिनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि पाकिस्तान से जुड़ी है, उन्हें भी वीजा मिलने में देरी का सामना करना पड़ा। इस देरी से इन खिलाड़ियों की वॉर्म-अप मैचों में उपलब्धता पर भी संदेह है। इस मामले में इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को भी हस्तक्षेप करना पड़ा।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में केवल यूएसए और इंग्लैंड ही नहीं, बल्कि कई अन्य टीमों में भी पाकिस्तान मूल के खिलाड़ी शामिल हैं। कनाडा, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), जिम्बाब्वे, नीदरलैंड्स और इटली की टीमों में भी ऐसे खिलाड़ी हैं जिनकी जन्मभूमि या पारिवारिक इतिहास पाकिस्तान से जुड़ा रहा है। ऐसे में अगर वीजा प्रक्रिया में इस प्रकार की जांच और देरी जारी रही, तो आने वाले दिनों में अन्य टीमों के खिलाड़ियों को भी इसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इससे टूर्नामेंट की निष्पक्षता और तैयारी दोनों पर असर पड़ सकता है। इन आठ टीमों के प्रभावित होने से पूरे टूर्नामेंट पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारत इससे पहले कई बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट सफलतापूर्वक आयोजित कर चुका है और सुरक्षा व इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से उसे मजबूत देश माना जाता है। हालांकि वीजा से जुड़ी यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की मेजबानी क्षमता पर सवाल खड़े कर रही है। अगर भविष्य में भी खिलाड़ियों को उनके मूल देश या पृष्ठभूमि के आधार पर ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ा, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और अन्य क्रिकेट बोर्ड भारत में बड़े टूर्नामेंट कराने से पहले संकोच कर सकते हैं।
Updated on:
17 Jan 2026 04:46 pm
Published on:
17 Jan 2026 04:19 pm
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