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अंग्रेजों को धूल चटाकर U19 वर्ल्ड चैंपियन बनी टीम इंडिया, सूर्यवंशी ही नहीं ये खिलाड़ी भी रहे हीरो

U19 World Cup 2026 Champion: खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड की यह दूसरी हार रही, जबकि भारतीय टीम का यह 11वां फाइनल था और उसने छठी बार ट्रॉफी अपने नाम की।

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Vaibhav Suryavanshi

वैभव सूर्यवंशी (फोटो- ANI)

U19 World Cup 2026, IND vs ENG Final: अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को हराकर छठा खिताब जीत लिया है। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक 175 रनों की पारी की बदौलत 50 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 411 रन बनाए। 412 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम 311 रन ही बना सकी और 100 रन से मुकाबला हार गई।

दूसरी बार फाइनल में हारी इंग्लैंड

अंडर 19 वर्ल्डकप के खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड की यह दूसरी हार है, जबकि भारतीय टीम का यह 11वां फाइनल था और उसने छठी बार ट्रॉफी अपने नाम की। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही और आरोन जॉर्ज सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हो गए।

इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे ने पहले संभलकर बल्लेबाजी की और फिर अंग्रेज गेंदबाजों की धज्जियां उड़ानी शुरू कर दीं। आयुष म्हात्रे 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हुए, जब उनका स्कोर 53 रन था। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने शतक जड़ा। तब तक भारतीय टीम 26 ओवर में ही 250 रन के पार पहुंच चुकी थी। यहां से साफ लगने लगा था कि भारतीय टीम आसानी से 400 रन के स्कोर को पार कर लेगी, और ऐसा ही हुआ।

वर्ल्डकप फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर

वेदांत त्रिवेदी, विहान मल्होत्रा, अभिज्ञान कुंडू और कनिष्क चौहान की अहम पारियों की बदौलत भारतीय टीम 50 ओवर में 411 रन के विशाल स्कोर तक पहुंच गई। यह वर्ल्ड कप इतिहास के फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर है। इसी मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली, जो फाइनल में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी भी है। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके और 15 छक्के लगाए, जहां उन्होंने 218 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की।

412 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज जोसेफ मूरेस सिर्फ 17 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद बेन डॉकिंस और बेन मायेस ने पारी को संभाला और टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। हालांकि बेन मायेस 93 के टीम स्कोर पर पवेलियन लौट गए, जब उनका व्यक्तिगत स्कोर 45 रन था। थॉमस रेव 31 रन बनाकर आउट हो गए। उनके आउट होते ही विकेटों की झड़ी लग गई और एक समय 142 रन पर सिर्फ 2 विकेट गंवाने वाली इंग्लैंड की टीम 177 रन पर 7 विकेट गंवा बैठी।

इसके बाद ऐसा लगा कि भारतीय टीम आसानी से जीत जाएगी लेकिन सेलेब फॉकनर ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर भारतीय गेंदबाजों की धुनाई शुरू कर दी। उन्होंने 63 गेंदों में 8 चौके और 6 छक्कों की मदद से अपना शतक पूरा किया। हालांकि दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे और पूरी टीम 311 रन पर ऑलआउट हो गई।

फाइनल में चमके ये खिलाड़ी

खिताबी मुकाबले में सिर्फ वैभव सूर्यवंशी ही नहीं, बल्कि आयुष म्हात्रे, वेदांत त्रिवेदी, विहान मल्होत्रा और अभिज्ञान कुंडू ने भी महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। इसके अलावा आखिर में कनिष्क चौहान ने ताबड़तोड़ 37 रन बनाए। गेंदबाजी के दौरान अंबरीश ने तीन विकेट चटकाए, जबकि दीपेश देवेंद्र और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट हासिल किए। इसके अलावा खिलन पटेल और आयुष म्हात्रे को एक-एक सफलता मिली। इन सभी के एकजुट प्रयास की बदौलत ही भारतीय टीम ने छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया।