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छतरपुर, Jun 06, 2026

छतरपुर में स्टंटबाजी का विरोध करने पर हैवानियत: मां की गोद से 2 साल की मासूम को छीनकर सड़क पर फेंका, दंपती को बेरहमी से पीटा, 2 घंटे तक जमकर पथराव और तोड़फोड़

इस सनसनीखेज वारदात के बाद से छतरपुर शहर की कानून व्यवस्था पर स्थानीय जनता सवाल उठा रही है। लोगों का आरोप है कि पुलिस का अपराधियों पर खौफ खत्म हो चुका है

police action

देर रात दबिश देती पुलिस

शहर में गुरुवार की रात एक सड़क दुर्घटना के बाद उपजे मामूली विवाद ने बेहद सनसनीखेज और उग्र रूप ले लिया। हालात इस कदर बिगड़े कि पूरी रात छतरपुर शहर का महोबा रोड इलाका पुलिस छावनी में तब्दील रहा। छतरपुर के महोबा रोड पर दो वाहनों के बीच हुई टक्कर के बाद एक पक्ष के लोगों ने न सिर्फ घायल परिवार और उनकी मासूम बच्ची के साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि मौके पर बीच-बचाव करने पहुंचे आम लोगों, पुलिसकर्मियों और कवरेज कर रहे पत्रकारों पर भी जानलेवा हमला बोल दिया।इस घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और सैकड़ों लोग रात में ही सड़क पर उतर आए, जिससे स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। शुक्रवार को इस मामले ने और तूल पकड़ लिया जब विभिन्न संगठनों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

महोबा (उत्तर प्रदेश) के मूल निवासी और वर्तमान में छतरपुर के सौंरा रोड में रह रहे योगेंद्र कुमार श्रीवास (25 वर्ष) एड सर्विस प्रोवाइडर का काम करते हैं। गुरुवार की रात करीब 8:30 बजे वे अपनी पत्नी कोमल और 2 वर्षीय मासूम बेटी अनवी के साथ ललोनी तिराहे से अपने प्लॉट का काम करवाकर ओला स्कूटर यूपी 95 एबी 1063 से घर लौट रहे थे।जैसे ही उनका परिवार महोबा रोड पर गुरुद्वारे के सामने पहुंचा, तभी सामने से आ रही पल्सर मोटरसाइकिल एमपी 16 एमएस 2968 के चालक जुल्फी खान ने स्टंटबाजी करते हुए लापरवाही से वाहन चलाकर उनके स्कूटर में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि योगेंद्र अपने पूरे परिवार सहित सड़क पर गिर गए और घायल हो गए।

हथियारों से लैस होकर पहुंचे आरोपी, बच्ची को सड़क पर फेंका

दुर्घटना के तुरंत बाद आरोपी जुल्फी खान ने फोन कर अपने साथियों छोटू मौत और साहिल खान को मौके पर बुला लिया। ये लोग हथियारों से लैस होकर आए और घायल श्रीवास परिवार के साथ गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने टौरिया मोहल्ला से अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया।कुछ ही देर में ब्रेजा कार से नीसू खान, छोटू उर्फ कॉलर दादा, भूरा खान सहित 1-2 अज्ञात लोग हाथों में लाठी, डंडे, लोहे की रॉड और धारदार फरसा लेकर वहां पहुंच गए। आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से योगेंद्र पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जब उनकी पत्नी कोमल उन्हें बचाने आईं, तो उन्हें भी बेरहमी से पीटा गया और उनकी 2 साल की मासूम बच्ची अनवी को उठाकर सड़क पर फेंक दिया गया।

टौरिया मोहल्ले में 2 घंटे तक चला भारी हंगामा

जब मौके पर मौजूद दो पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो बेखौफ आरोपियों ने उन्हें भी घेर लिया। इस बर्बरता को देखकर स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना हिंदू संगठनों को दी। देखते ही देखते हिंदू संगठनों के दर्जनों पदाधिकारी और सैकड़ों लोग टौरिया मोहल्ले में जमा हो गए।रात 10:00 से 12:00 बजे के बीच सैकड़ों की भीड़ ने टौरिया मोहल्ले को घेरकर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। स्थिति को बिगड़ता देख शहर के तीनों थानों का भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। इस दौरान वहां भारी तनाव बना रहा। एक तरफ हिंदू संगठन आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर दूसरे समुदाय के लोग और आरोपियों के परिजन खुद को निर्दोष बताकर अपने आपको पीड़ित कह रहे थे। रात करीब 12 बजे एसपी रजत सकलेचा, एएसपी आदित्य पटले और सीएसपी अरुण कुमार सोनी ने भारी पुलिस बल के साथ इलाके का दौरा किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने रात में ही कई घरों में दबिश देकर कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया।

पुलिस ने दर्ज कीं 3 अलग-अलग एफआईआर

सीएसपी अरुण कुमार मिश्रा के मुताबिक, कोतवाली थाने में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कुल तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं:पीड़ित परिवार की शिकायत पर पहली एफआईआर

घायल योगेंद्र कुमार श्रीवास की रिपोर्ट पर 6 नामजद और 2 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।नामजद आरोपी: जुल्फी खान, छोटू मौत, साहिल खान, नीसू खान, छोटू खान उर्फ कॉलर दादा और भूरा खान।

दर्ज धाराएं: धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना), 125 (सुरक्षा खतरे में डालना), 296 बी (सार्वजनिक गाली-गलौज), 115/2 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 109/1 (जान से मारने का प्रयास), 3/5 (सामूहिक अपराध) और एमवी एक्ट की धारा 184

ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों पर हमले की दूसरी एफआईआर

कोतवाली थाने के आरक्षक नरेश सिंह परिहार और आरक्षक संदीप वर्मा पर हुए हमले को लेकर 13 नामजद सहित अन्य पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज हुआ है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान आरक्षकों के साथ झूमा-झटकी की, जिससे उनकी नेम प्लेट और वर्दी के बटन टूट गए।

नामजद आरोपी: हुसैन खान, निसार खान, साहिब खान, निज्जू उर्फ निजाम खान, रहीशा बेगम, आमिया खान, शवाना खान, नैन्सी खान, अजमत खान, कासिम खान, अरमान खान, यूनिस खान और सोनू खान।दर्ज धाराएं: बीएनएस की धारा 121 (गंभीर शारीरिक चोट पहुंचाना), 132 (सरकारी कर्मचारी पर हमला/शासकीय कार्य में बाधा) और 3/5।

पत्रकारों पर जानलेवा हमले और एससी-एसटी एक्ट के तहत तीसरी एफआईआर

घटना की कवरेज करने पहुंचे पत्रकार उमाशंकर पटेल, अनिल अहिरवार, बलवीर अहिरवार और जयप्रकाश श्रीवास पर भी आरोपियों ने लाठी, डंडों, फरसे और पत्थरों से जानलेवा हमला किया, जिसमें उमाशंकर पटेल के सिर में गंभीर चोट आई है।दर्ज धाराएं: बीएनएस की धारा 190, 191/2, 191/3 (गैर-कानूनी रूप से भीड़ इकट्ठा करना और दंगा भड़काना), 109/1 (हत्या का प्रयास), 115/2, 296 बी, 3/5 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3/1/द, 3/1/ध एवं 3/2/वी।

हिंदू संगठनों का उग्र प्रदर्शन, बुल्डोजर कार्रवाई की मांग

शुक्रवार को इस घटना के विरोध में हिंदू संगठनों और स्थानीय व्यापारियों ने छतरपुर कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

संगठनों की मुख्य मांग है कि घटना को अंजाम देने वाले सभी आदतन अपराधियों के मकानों की तत्काल अवैध निर्माण जांच की जाए और अपराधियों के घरों पर बुल्डोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया जाए ताकि शहर में कड़ा संदेश जाए। संगठनों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई में किसी भी तरह की ढील बरती, तो वे इसका कड़ा विरोध करेंगे।

छतरपुर की कानून व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल

इस सनसनीखेज वारदात के बाद से छतरपुर शहर की कानून व्यवस्था पर स्थानीय जनता सवाल उठा रही है। लोगों का आरोप है कि पुलिस का अपराधियों पर खौफ खत्म हो चुका है, जिससे जिले में लगातार संगीन वारदातें हो रही हैं। हालिया गंभीर अपराधों पर नजर डालें तो बमीठा क्षेत्र में महज एक दिन पहले एक एलएनटी मशीन के ऑपरेटर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इससे पहले छतरपुर शहर के देरी रोड पर एक महिला द्वारा अपने ही पति की निर्मम हत्या का मामला सामने आया। वहीं जिले के चंदला और लवकुशनगर क्षेत्र में भी हत्या की दो अलग-अलग सनसनीखेज वारदातें अभी कुछ दिन पहले हुई हैं। इसके अलावा पिछले एक महीने में जिले भर में मारपीट, रंगदारी, छीना-झपटी और चोरी की दर्जनों घटनाएं सामने आई हैं, जिससे जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

जिम्मेदार का बयान

छतरपुर के पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के अनुसार: बीती रात एक्सीडेंट के बाद दो पक्षों में विवाद सामने आया था। इस मामले में तत्परता से कार्रवाई करते हुए कुल 13 लोगों को चिन्हित कर 3 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं और चार आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। कार्रवाई के दौरान हमारे दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनकी ओर से भी एफआईआर दर्ज की गई है और साथ ही शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, उन पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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