
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (Photo - IANS)
Tamil Nadu Assembly Election से ठीक पहले मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने महिला मतदाताओं के लिए बड़ा ऐलान कर सियासी गर्मी बढ़ा दी है। कलैंजर मगिलर उरिमै तोघै (केयूएमटी) योजना के तहत सरकार ने एक आदेश में 1.31 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में शुक्रवार सुबह 5,000 रुपए ट्रांसफर किए—जिसकी कुल राशि 6,550 करोड़ रुपए रही।
तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार को केयूएमटी योजना के तहत 1.31 करोड़ महिला लाभार्थियों के खातों में 5,000 रुपए की अग्रिम सहायता राशि सीधे ट्रांसफर कर दी। इस सहायता राशि में जनवरी से मार्च के तीन महीने की 3,000 रुपए और 2,000 रुपए की विशेष ग्रीष्मकालीन अग्रिम राहत शामिल है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने स्पष्ट किया कि यह भुगतान महिलाओं को निरंतर सहायता देने के उद्देश्य से किया गया है।
सरकार की विज्ञप्ति के अनुसार, केयूएमटी डीएमके सरकार की मुख्य कल्याणकारी योजनाओं में शामिल है, जिसके तहत पात्र महिला मुखियाओं को मासिक वित्तीय सहायता दी जाती है। दिसंबर में चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में हुए कार्यक्रम के दौरान भी मुख्यमंत्री ने योजना विस्तार और सहायता राशि बढ़ाने के संकेत दिए थे। उस समय 16.94 लाख नई लाभार्थियों को योजना में शामिल किया गया था।
सीएम स्टालिन ने घोषणा की कि Tamil Nadu Assembly Election के बाद अगर डीएमके सत्ता में लौटती है तो कलैंजर मगिलर उरिमै तोघै योजना के तहत मासिक सहायता राशि 1,000 रुपए से बढ़ाकर 2,000 रुपए कर दी जाएगी। स्टालिन ने कहा कि चुनावी माहौल में आदर्श आचार संहिता का हवाला देकर योजना को रोकने की कोशिशें हुईं, इसलिए महिलाओं को राहत देने के लिए अग्रिम भुगतान किया गया।
अन्नाद्रमुक (एआइएडीएमके) के महासचिव एडपाडी के. पलनीस्वामी (ईपीएस) ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे "आखिरी समय का चुनावी नकद हस्तांतरण" करार दिया और मुख्यमंत्री द्वारा राशि डबल करने की घोषणा पर सवाल उठाए। ईपीएस ने सोशल मीडिया पर लिखा, "क्या आपने देखा कि चुनावी हार का डर मुख्यमंत्री से क्या-क्या करवा रहा है?" उन्होंने पूछा कि 2024 या 2025 में ऐसा कोई ग्रीष्मकालीन पैकेज क्यों नहीं घोषित हुआ।
ईपीएस ने मुख्यमंत्री के उस आरोप को भी खारिज किया जिसमें स्टालिन ने कहा था कि "दिल्ली में बैठे एक गिरोह" और तमिलनाडु में उसकी "आज्ञाकारी ताकतें" कल्याण योजना में रुकावट डाल रही हैं। पलनीस्वामी ने कहा कि यह दावा नाटकीय और हास्यास्पद है। साथ ही आरोप लगाया कि डीएमके सरकार ने योजना के क्रियान्वयन में 28 महीने की देरी की है।
एआइएडीएमके महासचिव ने दोहराया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो 'कुल विलक्कु तिट्टम' योजना लागू की जाएगी, जिसमें हर राशन कार्डधारक को 2,000 रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि डीएमके की यह घोषणा दरअसल अन्नाद्रमुक की डोर-टू-डोर मुहिम से उपजी घबराहट का परिणाम है।
तमिलनाडु में चुनावी माहौल के बीच महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजनाओं को लेकर सियासी बयानबाजी जोरों पर है। एक ओर जहां डीएमके सरकार ने योजना के तहत बड़ी राशि ट्रांसफर कर महिला मतदाताओं को साधने की कोशिश की है, वहीं विपक्ष ने इसे चुनावी स्टंट बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।
Published on:
13 Feb 2026 04:20 pm
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