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सफल किडनी प्रत्यारोपण से मिली नई जिंदगी

चेन्नई. एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी (ए.आई.एन.यू.), चेन्नई में एक भावपूर्ण घटना घटी। यहां 70 वर्षीय पिता ने अपनी 31 वर्षीय पुत्री को जीवनदान देने के लिए अपनी एक किडनी दान की। यह प्रत्यारोपण न केवल चिकित्सा कौशल का उदाहरण है, बल्कि पितृ प्रेम की अद्वितीय मिसाल भी है। पुत्री पिछले तीन वर्षों से […]

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चेन्नई.

एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी (ए.आई.एन.यू.), चेन्नई में एक भावपूर्ण घटना घटी। यहां 70 वर्षीय पिता ने अपनी 31 वर्षीय पुत्री को जीवनदान देने के लिए अपनी एक किडनी दान की। यह प्रत्यारोपण न केवल चिकित्सा कौशल का उदाहरण है, बल्कि पितृ प्रेम की अद्वितीय मिसाल भी है। पुत्री पिछले तीन वर्षों से गुर्दे की गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। दिसंबर 2024 में जब वह ए.आई.एन.यू. पहुंची, तब उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उसे नियमित डायलिसिस पर रखा गया। जांच के दौरान गले में ग्रंथि पाई गई, जिसकी बायोप्सी से क्षय रोग की पुष्टि हुई। छह माह तक उपचार के पश्चात ही प्रत्यारोपण की अनुमति दी गई। इस कठिन घड़ी में पिता ने बिना किसी संकोच के आगे बढ़कर अपनी किडनी देने का संकल्प लिया। विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षणों के बाद उन्हें दान के लिए उपयुक्त पाया गया। विधिक स्वीकृति प्राप्त कर छह घंटे की शल्यक्रिया सम्पन्न हुई। पिता पर लैप्रोस्कोपिक डोनर नेफ्रेक्टॉमी की गई, वहीं पुत्री को सफल प्रत्यारोपण मिला। डॉ. नवीनाथ ने बताया कि वृद्ध दाता की आयु और रोगिणी का जटिल इतिहास चुनौतीपूर्ण था लेकिन परिणाम संतोषजनक रहे। सातवें दिन दोनों स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पाए।