
IIT Madras(Image-College Official)
IIT Madras-Daimler India की साझेदारी से बनेगा डिजिटल ड्राइवर रेटिंग सिस्टम, जिससे ड्राइवर सेफ्टी और इंडस्ट्री में ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी
IIT Madras और डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स ने व्यावसायिक ड्राइवरों के लिए यूनिवर्सल ड्राइवर रेटिंग सिस्टम विकसित करने के लिए एमओयू साइन किया है। यह साझेदारी सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और देश में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) और डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स (DICV) की यह संयुक्त पहल व्यावसायिक ट्रक और अन्य कमर्शियल ड्राइवरों के लिए एक सामान्य रेटिंग सिस्टम विकसित करेगी। इस सिस्टम की मदद से ड्राइवरों की कार्यक्षमता, सुरक्षा और सेहत पर निगरानी रखी जाएगी। इसमें स्मार्टफोन इनपुट और सेंसर डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे ड्राइवर के व्यवहार और प्रदर्शन का वास्तविक समय में आकलन हो सकेगा।
इस सिस्टम के लागू होने से सड़क सुरक्षा में बड़ा सुधार आने की संभावना जताई गई है। आईआईटी मद्रास के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर गीताकृष्णन रामदुरई ने बताया, “ट्रक और ट्रक ड्राइवर देश की प्रगति के वाहक हैं। यह प्रोजेक्ट उन्हें अच्छा काम करने का आधार देगा। रेटिंग सिस्टम में अच्छी ड्राइविंग को प्रोत्साहित किया जाएगा और खतरनाक ड्राइविंग से बचाव होगा। इससे न सिर्फ लोगों की जान बचेगी, बल्कि आर्थिक नुकसान और समय की बरबादी भी कम होगी।”
IIT Madras और DICV का यह प्रोजेक्ट न केवल ड्राइवरों की रेटिंग करेगा, बल्कि देशभर में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को भी गति देगा। इस प्रोजेक्ट के तहत एक टेक्नोलॉजी स्टैक तैयार किया जाएगा, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लागू करना आसान होगा।
आईआईटी मद्रास के डीन, एलुमनाइ और कॉर्पोरेट रिलेशंस, प्रो. अश्विन महालिंगम ने कहा, “हम ऐसे सिस्टम, प्रोसेस और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना चाहते हैं, जो सड़क, ड्राइवर और मुसाफिरों को ज्यादा सुरक्षित बनाए। डेमलर के साथ यह साझेदारी हमारे इस लक्ष्य को मजबूत करती है।”
ड्राइवर रेटिंग सिस्टम से फ्लीट ऑपरेटर अपने ड्राइवरों के प्रदर्शन पर रीयल टाइम निगरानी कर सकेंगे। ड्राइविंग इंस्टीट्यूट प्रतिभागी ड्राइवरों को सर्टिफिकेट दे पाएंगे, जिससे उनकी रोजगार योग्यता बढ़ेगी। बीमा और बैकग्राउंड जांच के क्षेत्र में भी इस सिस्टम के चलते नई अनिवार्यताएं आ सकती हैं। सरकार भी इस डेटा की मदद से सटीक नीतियां बना सकेगी, जिससे सड़क सुरक्षा को लेकर प्रभावी बदलाव संभव होंगे।
डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स के मुख्य आर्थिक अधिकारी अलेक्जेंडर शॉन ने कहा, “सड़क सुरक्षा और जिम्मेदारी डीआईसीवी के लिए सस्टेनेबिलिटी का केंद्र है। हम टेक्नोलॉजी और डेटा-ड्रिवन इनोवेशन से स्केलेबल सॉल्यूशंस देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
आईआईटी मद्रास और डेमलर इंडिया की यह पहल सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और सामाजिक लाभ पहुंचाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
Published on:
02 Feb 2026 04:33 pm

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