
भारत में पर्सनल लोन लेना अब एक आम बात बन चुकी है, लेकिन फिर भी इसके साथ जुड़ी कुछ अफवाहें है, जो लोगों को परेशान करती हैं। कई बार लोगों से पर्सनल लोन नहीं चुकाया जाता और वे डिफॉल्ट कर जाते हैं। ऐसे में उनके मन में एक सवाल उठता है कि क्या लोन न चुकाने के कारण उनको जेल जाना पड़ सकता है?
इन्हीं अफवाहों को दूर करने और लोगों को सही जानकारी देने के लिए आरबीआइ समय-समय पर गाइडलाइन जारी करता रहता है। इन गाइडलाइनों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को पर्सनल लोन न चुकाने के कारण जेल नहीं जाना पड़ता। लेकिन इसके साथ ही यह भी जानना जरूरी है कि ऐसी स्थिति में बैंक क्या-क्या कदम उठा सकता है।
आरबीआई ने लोन वसूली के लिए गाइडलाइन निर्धारित की हैं, जिसके अनुसार इस प्रक्रिया को निष्पक्ष और नैतिक रूप से संचालित किया जाना चाहिए। गाइडलाइन के अनुसार कर्ज लेने वाला लोन चुकाने में असमर्थ होता है, तो बैंक उसे डिफॉल्ट नोटिस जारी करता है। इसके साथ ही उसे लोन चुकाने के लिए अतिरिक्त समय की मोहलत दी जा सकती है। इसके अलावा रिकवरी ऐजेंट को नियुक्त करना और गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
लोन न चुकाना एक सिविल मामला होता है, यानि कि पैसों के लेन देन से जुड़ा केस, यह अपराध नहीं होता है। लेकिन यदि लोन लेते समय व्यक्ति ने बैंक के सामने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए हो या जानबूझकर गलत आय दिखाई हो, तब इस तरह के मामलों में यह ठगी का अपराध बन जाता है। इस तरह के केस में व्यक्ति पर आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है और जेल जाने तक की नौबत आ सकती है।
Published on:
06 Mar 2026 02:04 pm
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