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PM Internship Scheme में बड़े बदलाव की तैयारी, 5000 से बढ़कर 11,800 रुपये हो सकता है स्टाइपेंड, जानिए डिटेल

PM Internship Scheme अपने पायलट फेज में कुछ खास नहीं कर पायी है। 4,618 स्टूडेंट्स ने बीच में ही इंटर्नशिप छोड़ दी है। अब स्कीम में स्टाइपेंड बढ़ाया जा सकता है।

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भारत

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Pawan Jayaswal

Jan 21, 2026

PM Internship Scheme

पीएम इंटर्नशिप योजना में स्टाइपेंड बढ़ सकता है। (PC: AI)

PM Internship Scheme: दो साल पहले शुरू हुई पीएम इंटर्नशिप योजना अपने पायलट फेज में फेल होती दिख रही है। इस वजह से सरकार पीएम इंटर्नशिप योजना में बड़े बदलाव की तैयारी में है। अधिकारियों के मुताबिक, अभी इंटर्न्स को मिलने वाला 5,000 रुपए प्रति माह का स्टाइपेंड मार्च 2026 से बढ़ाकर 11,800 रुपए किया जा सकता है। कम स्टाइपेंड से योजना में युवाओं की दिलचस्पी कम रही है और बीच में छोड़ने (ड्रॉपआउट) की दर ज्यादा है। सरकार का कहना है कि पहले दो पायलट चरणों में 20% ड्रॉपआउट रहा। लोकेशन और लंबी अवधि की वजह से कई इंटर्न बीच में ही छोड़ गए।

12 महीनों के लिए अभी इंटर्न को प्रति माह 5000 रुपये के साथ-साथ 6,000 रुपये का एकमुश्त अनुदान और बीमा कवरेज पीएम इंटर्नशिप योजना में मिलता है। कॉर्पोरेट मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026 के अप्रेल- नवंबर के दौरान 11,500 करोड़ रुपये के अपने बजट आवंटन का केवल 4% यानी 500 करोड़ रुपए से थोडा अधिक ही खर्च किया।

4618 स्टूडेंट्स ने बीच में ही इंटर्नशिप छोड़ी

पायलट प्रोजेक्ट के दो फेज में कंपनियों ने 2.45 लाख इंटर्नशिप के अवसर पोस्ट किए, जिनमें 1.65 लाख आवेदकों को इंटर्नशिप के लिए ऑफर लेटर दिया गया, पर केवल 16,000 छात्रों ने ही इंटर्नशिप ज्वाइन की। इनमें से भी 4618 छात्रों ने बीच में ही इंटर्नशिप छोड़ दी। इसे देखते हुए सरकार योजना की संरचना में भी बदलाव करने पर विचार कर रही है।

तीसरे चरण में नई कंपनियां-सेक्टर जुड़ेंगे

सरकार अब इस योजना में शामिल कंपनियों की संख्या को मौजूदा 549 से बढ़ाकर 6,000 करने की योजना बना रही है। यह बढ़ोतरी कंपनियों के पिछले तीन वर्षों के औसत कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) खर्च के आधार पर की जाएगी। हाल ही में आइटी, हॉस्पिटैलिटी और हेल्थकेयर सेक्टर की 49 नई कंपनियों को योजना में जोड़ा गया है। योजना के तीसरे चरण में सीएसआर गतिविधियों में शामिल कंपनियों, हाई- ग्रोथ और उभरते सेक्टर्स, एनएसई में लिस्टेड टॉप 2,000 कंपनियों, बीएफएसई और राज्यों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इससे इंटर्नशिप के अवसरों में और इजाफा होगा।