
सोने-चांदी के दामों में उछाल आया है। (PC: AI)
Gold ETF rebound after fall: एक बड़ी गिरावट के बाद सोने और चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETFs) में उछाल देखने को मिल रहा है। गुरुवार को गोल्ड ETF में बड़ी की गिरावट आई थी और सिल्वर ETF भी प्रभावित हुआ था, लेकिन अब दोनों फिर से उड़ान भर रहे हैं। शुरुआती कारोबार में लगभग सभी प्रमुख ETFs ग्रीन लाइन पकड़कर चल रहे हैं।
टैरिफ चिंताओं में कमी और मुनाफावसूली के चलते 22 जनवरी को गोल्ड एवं सिल्वर ETF में गिरावट देखने को मिली थी। क्वांटम गोल्ड फंड ETF को पिछले सत्र में 18% की सबसे बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा था। इसी तरह, ज़ेरोधा गोल्ड ETF में 14%, SBI गोल्ड ETF और निप्पॉन इंडिया ETF गोल्ड BeES में 12% की गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन आज सभी उछाल के साथ कारोबार कर रहे हैं। क्वांटम गोल्ड फंड ETF 3% से ज्यादा चढ़ चुका है। Zerodha Gold ETF में 3.47% SBI गोल्ड ETF में 2.99% और निप्पॉन इंडिया ETF गोल्ड BeES में 3.31 प्रतिशत की तेजी है।
एक्स्पर्ट्स का कहना है कि दोनों कीमतों धातुओं का फंडामेंटल बहुत मजबूत है। इसलिए आगे भी तेजी की उम्मीद है। सोने-चांदी में उछाल के साथ ETF का बाजार भी मजबूती हासिल कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि रिकॉर्ड ऊंचाई पर मुनाफावसूली आम है। लिहाजा, अगले कुछ सत्रों में गिरावट भी देखने को मिल सकती है, लेकिन यह स्थायी नहीं होगी। कुछ देर की खामोशी के बाद कीमतों में वापस तेजी का रुख आएगा। मालूम हो कि गोल्ड-सिल्वर में 24 जनवरी को बड़ा उछाल आया है। MCX पर 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने के भाव 1,58,074 रुपए चल रहे हैं। जबकि चांदी 3,33,601 प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है।
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स की एसोसिएट डायरेक्टर तन्वी कंचन के हवाले से बताया गया है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, कीमती धातुओं के फंडामेंटल काफी मजबूत हैं। खासकर चांदी सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहनों और AI इंफ्रास्ट्रक्चर से मिल रही रिकॉर्ड इंडस्ट्रियल डिमांड से प्रेरित है। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाए, निवेशकों को आने वाले समय में खरीदारी को अलग-अलग हिस्सों में बांटने पर विचार करना चाहिए। इससे न केवल गिरावट का फायदा मिलता है, बल्कि आगे के करेक्शन से भी बचा जा सकता है।
जानकारों का मानना है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख में भले फिलहाल नरमी दिखाई दे रही हो, लेकिन ऐसा कब तक रहेगा नहीं कहा जा सकता। ऐसे में सोना-चांदी में निवेश बढ़ेगा और दाम चढ़ने की संभावना बनी रहेगी। इसके अलावा, जिस तरह से चीन जैसे देशों के केंद्रीय बैंकों ने गोल्ड खरीदारी पर फोकस किया है। वो कीमतों में वृद्धि को सपोर्ट करता है। चांदी की बात करें, तो उसकी आपूर्ति पहले से ही सीमित है। जबकि उसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है। जब मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर बढ़ता है, तो कीमतों का चढ़ना लाजमी है।
अन्य प्रमुख गोल्ड ETF भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ग्रोव गोल्ड ETF करीब 5% का उछाल हासिल कर चुका है। इसी तरह, इन्वेस्को इंडिया गोल्ड ETF, मोतीलाल ओसवाल गोल्ड ETF और एक्सिस गोल्ड ETF में करीब 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। 360 ONE गोल्ड ETF, बंधन गोल्ड ETF, टाटा गोल्ड ETF, एंजेल वन गोल्ड ETF, ICICI प्रूडेंशियल गोल्ड ETF, एडलवाइस गोल्ड ETF और यूनियन गोल्ड ETF भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे ही LIC म्यूचुअल फंड गोल्ड ETF, निप्पॉन गोल्ड ETF, HDFC गोल्ड ETF आदि भी करीब 3 प्रतिशत की मजबूती हासिल कर चुके हैं।
360 ONE सिल्वर ETF आज रॉकेट की तेजी से बढ़ा है। इसमें करीब 10% की मजबूती आई है। टाटा सिल्वर ETF भी कल आई भारी गिरावट से बाहर निकालकर करीब 9% चढ़ चुका है। मिराए एसेट सिल्वर ETF, एडलवाइस सिल्वर ETF, एक्सिस सिल्वर ETF, आदित्य बिड़ला सन लाइफ सिल्वर ETF, DSP सिल्वर ETF, ICICI प्रूडेंशियल सिल्वर ETF आदि में भी 9 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज हुई है।
Updated on:
23 Jan 2026 11:57 am
Published on:
23 Jan 2026 11:52 am
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