
गोठड़ा. एक खेत में खड़ी सरसों की फसल में गिरे ओले।
गोठड़ा. क्षेत्र के गांव में अचानक मौसम के बदलाव के साथ तेज बारिश शुरू हो गई बारिश के साथ ही करीब 10 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। बारिश कई तेज कई मध्यम गति से हुई। किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से सब्जी की फसलों में नुकसान है। मटर, सरसों आदि में भी नुकसान की आशंका बनी हुई है।
ग्राम गोठड़ा, मेण्डी, गणेशगंज, अमरपुरा, दुर्गापुरा, रोणिजा, छाबडिय़ों का नयागांव, धोवडा आदि गांवों में बेर से बड़े आकार के ओले गिरे। ओलावृष्टि व तेज हवाओं से फसलें आड़ी पड़ गई। जिससे किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से खेतों व सडक़ों पर सफेद चादर बिछ गई। ग्राम सुखपुरा में ओलावृष्टि से लोगों के घरों पर लगा रखे सीमेंट के चद्दर टूट गए। बारिश और ओलावृष्टि से ठंडक बढ़ गई। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। बारिश से सडक़ों पर पानी बह निकला।
देई. क्षेत्र के कई गांवों में मंगलवार को ओलावृष्टि हुई, जिससे फसलों में काफी नुकसान हुआ। क्षेत्र में पीपल्या, चन्दनपुरा, सुरली, लाम्बाबरडा सहित अन्य कई गांवों में ओलावृष्टि हुई। पीपल्या निवासी हेमन्त जैन ने बताया कि बरसात के दौरान एक मिनट तक चने के आकार के ओले गिरे। रामतरन गुर्जर ने बताया कि बरसात के बीच अचानक ओले गिरने शुरू हुए। और ओलों की चादर बिछ गई। लाम्बाबरडा निवासी जितेन्द्र कुमार सैनी ने बताया कि बेर के आकार के छोटे बडे ओले गिरे। ओलावृष्टि से खेतों में फसलों में काफी नुकसान हुआ। मोडसा क्षेत्र के किसान जितेन्द्र ने बताया कि बरसात के साथ चली तेज हवा से गेहूं की फसल आडी पड़ गई। दोपहर बाद सूर्यदेव निकलने से लोगो को सर्दी से राहत मिली।
बसोली. बसोली क्षेत्र में सुबह रुक-रुककर बारिश हुई। बरसात के कारण गेहूं व अन्य फसलों को फायदा हुआ है, लेकिन जिन किसानों ने खेतों में गेहूं की फसल की पिलाई कर रखी थी, उन किसानों के गेहूं की फसल खेतों में हवा के कारण आड़ी पड़ गई। वहीं सब्जी उत्पादक किसानों को भी लगभग 5 मिनट तक हल्की ओलावृष्टि से नुकसान हुआ। टमाटर व मटर की फसल को नुकसान हुआ है। इसके साथ ही बरसात से तापमान में कमी आई।
जजावर. कस्बे में व आस पास के गांव में मंगलवार शाम को बारिश के साथ से ओले गिरे, जिससे फसलों में नुकसान होने के साथ ही सर्दी बढ़ गई।
कापरेन. शहर सहित क्षेत्र में मंगलवार को मौसम बदलने से ठंडक रही। सुबह से बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलने से गलन बढ़ गई। सुबह दस बजे बाद कुछ देर हलकी धूप निकली, लेकिन बाद में फिर से बादल छाए और कुछ देर हलकी बारिश होने से हुई। किसानों का कहना है कि बरसात होने पर सरसों, धनिया और चने कि फसल को नुकसान की आशंका है। वहीं बारिश होने पर गेहूं में फायदा होगा।
पेच की बावड़ी. मंगलवार शाम 5 बजे करीब अचानक तेज अंधड़ के साथ बरसात शुरू हुई। थोड़ी देर बाद ही बैर के आकार के ओले भी गिरने लगे। सडक़ पर ओले की चादर बिछ गई। मंगलवार प्रात: से बरसात शुरू होने के साथ-साथ दिनभर घने बादल एवं अंधेरा छाया रहा। ग्रामीण ठिठुरन के चलते अलाव तापते नजर आए। गेहूं, चना, मसूर, सरसों की फसल खराब होने की आशंका जताई गई है।
बारिश के साथ बेर की आकार के ओले गिरे
केशवरायपाटन. उपखंड मुख्यालय में मंगलवार को बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। यहां पर सुबह से ही मौसम बिगड़ा हुआ था। शहर में बादल छाए रहे लोग धूप के लिए तरसते रहे। प्रात: 11 बजे बाद अचानक मौसम बिगडऩे लगा। कुछ समय के लिए बारिश तेज हो गई। बारिश के साथ दो मिनट तक बेर की आकार के ओले गिरने शुरू हो गए। अचानक बारिश होने से सडक़ें खाली हो गई। कोटा दौसा मेगा स्टेट हाइवे पर चलने वाले वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रुकना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी दुपहिया वाहन चालकों के सामने उत्पन्न हुई। क्षेत्र के रडी चडी, इन्द्रपुरिया, माधोराजपुरा, भीया, अरनेठा में भी रिमझिम फुहारों के साथ बारिश हुई।
नैनवां. उपखंड क्षेत्र में मंगलवार अल सुबह अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गरज-चमक के साथ
15 मिनट बरसात हुई। दिन में भी दो बार पांच मिनट तक बरसात हुई जिससे ठंड भी बढ़ गई है।
Published on:
28 Jan 2026 11:51 am
बड़ी खबरें
View Allबूंदी
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
