
अध्ययन करते बच्चे
बूंदी. पहली बार सरकारी स्कूलों का शैक्षणिक सत्र बदलने जा रहा है। अब तक जुलाई में सरकारी स्कूलों में शुरू होने वाली पढ़ाई नए सत्र से 1 अप्रेल से ही शुरू होगी। यूं कहें तो राजस्थान के सरकारी स्कूल अब सीबीएसई के शैक्षणिक सत्र पैटर्न का पालन करेंगे।
इस वर्ष परिणाम डेढ़ महीने पहले यानी 30 मार्च को घोषित किए जाएंगे, जबकि तीसरी परीक्षा जनवरी के अंतिम सप्ताह में होगी। शिक्षा विभाग ने छात्रों के प्रवेश को निजी स्कूलों के समकक्ष करने के लिए वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर में संशोधन किया है। इससे बच्चों को 40 से 50 दिनों की अतिरिक्त पढ़ाई का लाभ मिलेगा। परिणाम जारी होने के बाद 15 अप्रेल से 30 अप्रेल के बीच प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा। इधर, सरकार के अप्रेल माह में सत्र शुरू करने के निर्णय के बाद शिक्षा विभाग तैयारियों में जुट गया है।
अधिकारियों का कहना है कि किताबों की आपूर्ति समय पर शुरू कर दी जाएगी। सरकार की मंशा निजी स्कूलों की तर्ज पर अप्रेल माह में सरकारी स्कूलों का सत्र शुरू कर नामांकन बढ़ाने के साथ बच्चों का स्कूलों में ठहराव सुनिश्चित करना है। इस संबंध में सरकार और शिक्षक संगठनों के बीच वार्ता भी हो चुकी है।
कैलेंडर बदल जाएगा
सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का कैलेंडर बदल जाएगा। 1 अप्रेल से विद्यार्थियों को नई कक्षाओं में प्रवेश दिया जाएगा। विभाग का कहना है कि पहले किताबें देर से मिलने के कारण जुलाई-सितंबर तक पढ़ाई सुचारू नहीं हो पाती थी, लेकिन अब पुस्तकों की आपूर्ति सत्र शुरू होने से पहले कर दी जाएगी। इससे बच्चों को शुरुआत से ही नियमित पढ़ाई का लाभ मिलेगा।
नए पाठ्यक्रम से जुड़ेंगे
अप्रेल-मई की पढ़ाई में विद्यार्थी नई कक्षा के पाठ्यक्रम से जुड़ जाएंगे। गर्मी की छुट्टियों के बाद जब स्कूल खुलेंगे, तब तक बच्चों की पढ़ाई की आधारशिला मजबूत हो चुकी होगी। शिक्षकों का कहना है कि इससे सिलेबस पूरा कराना आसान होगा और जुलाई के बाद होने वाली आपाधापी भी खत्म होगी।
नामांकन बढऩे की उम्मीद
अब तक सरकारी स्कूलों में सत्र जुलाई से शुरू होते थे, जिसके चलते सरकारी स्कूलों में नामांकन लगातार घट रहा था। वहीं निजी स्कूलों में सत्र अप्रेल से शुरू होने के कारण उन्हें इसका लाभ मिलता था। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि सत्र में इस अंतर के कारण अभिभावक बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में करवा देते थे। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए अब दोनों प्रकार के स्कूलों में सत्र एक साथ शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
यह होगा फायदा
नया शैक्षणिक ढांचा लागू होने पर शिक्षण दिवसों में 40 से 50 दिन की बढ़ोतरी होगी
बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार आएगा और परीक्षाओं की तैयारी बेहतर होगी
पाठ्यक्रम में कोई बदलाव नहीं रहेगा
ग्रीष्मावकाश में नवीन कक्षा के पाठ्यक्रम को दोहराने का अवसर मिलेगा।
सीबीएसई छात्रों के समान अवसर
सरकार की अप्रेल माह में नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने की पहल सराहनीय है। इससे शिक्षकों के साथ बच्चों को भी 40 से 50 दिन अतिरिक्त पढ़ाई का समय मिलेगा। निजी स्कूलों की तर्ज पर किए गए इस बदलाव से सरकारी स्कूलों में नामांकन का ग्राफ भी बढ़ेगा।
धनराज मीणा, सहायक निदेशक, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, बूंदी
सरकारी स्कूलों का नया शैक्षणिक सत्र अप्रेल से प्रारंभ होने से कई फायदे होंगे। निजी विद्यालय अप्रेल में ही नए नामांकन कर लेते हैं, जबकि जुलाई माह में सरकारी विद्यालयों में नामांकन के अवसर कम रह जाते थे। अब अप्रेल में सत्र शुरू होने से नामांकन में वृद्धि होगी और ग्रीष्मावकाश से पहले पाठ्यक्रम का लगभग एक-चौथाई हिस्सा पूरा किया जा सकेगा। इससे शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों के बीच पाठ्यक्रम अधूरा रहने के तनाव से भी निजात मिलेगी।
अनिल सामरिया, संभाग संयुक्त मंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय
Updated on:
25 Jan 2026 12:12 pm
Published on:
25 Jan 2026 12:11 pm
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