
विक्रम भट्ट और पत्नी को मिली जमानत
Vikram Bhatt And Wife Shwetambari Granted Bail Cheating Case: फेमस बॉलीवुड फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट के लिए आज का दिन 13 फरवरी बड़ी राहत लेकर आया है। करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और गबन के संगीन आरोपों में घिरे भट्ट दंपति को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। शुक्रवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें फिलहाल राहत दी है, जिससे उनकी जेल से बाहर आने की राह साफ हो गई है।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट तब पहुंचा जब राजस्थान हाई कोर्ट (जोधपुर बेंच) ने 31 जनवरी को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट का मानना था कि जांच अभी शुरुआती दौर में है और आरोपियों के बाहर रहने से गवाहों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने दलीलों को सुनने के बाद अब अगली सुनवाई 19 फरवरी के लिए तय की है। तब तक के लिए विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को हिरासत से रिहा किया जाएगा।
विक्रम भट्ट की मुश्किलें नवंबर 2025 में तब शुरू हुई थीं, जब उदयपुर के प्रसिद्ध 'इंदिरा आईवीएफ एंड फर्टिलिटी सेंटर' के संस्थापक अजय मुर्डिया ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। मुर्डिया का आरोप है कि एक बड़े फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर भट्ट दंपति ने उनसे करोड़ों रुपये का निवेश करवाया।
शिकायत के मुताबिक, विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने कथित तौर पर अलग-अलग फर्जी नामों से बिल तैयार किए और फिल्म के लिए मिली रकम को धोखे से अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया। पुलिस की नजर में यह केवल बिजनेस कॉन्ट्रैक्ट टूटने का मामला नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी 'फाइनेंशियल धोखाधड़ी' है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दिसंबर 2025 में राजस्थान पुलिस की एक विशेष टीम ने मुंबई में छापेमारी की थी। वहां से पुलिस ने विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी, उनके मैनेजर महबूब अंसारी और एक स्थानीय सहयोगी दिनेश कटारिया को गिरफ्तार किया था। तभी से ये लोग पुलिस हिरासत और न्यायिक कस्टडी में थे।
विक्रम भट्ट के वकीलों का कहना है कि यह पूरा मामला 'सिविल नेचर' का है और इसमें पुलिस ने जल्दबाजी में कार्रवाई की है। उनका तर्क है कि जो भी लेन-देन हुआ, वह आपसी सहमति से हुआ था।
Updated on:
13 Feb 2026 12:52 pm
Published on:
13 Feb 2026 12:44 pm
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