
Rani Mukherjee Gets Emotional (सोर्स इंस्टाग्राम- @tahirjasus)
Rani Mukherjee Gets Emotional: अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने हाल ही में अपने फिल्मी करियर के 30 साल पूरे किए। इस खास मौके पर एक बातचीत के दौरान उन्होंने निर्देशक करण जौहर से जुड़ा एक पुराना किस्सा साझा किया, जिसे याद करते हुए वो भावुक हो गईं। रानी ने बताया कि फिल्म 'कुछ कुछ होता है' में अपनी ही आवाज में डबिंग करने का फैसला उनके करियर का अहम मोड़ साबित हुआ। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।
रानी मुखर्जी जल्द ही 'मर्दानी 3' में एक बार फिर शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में नजर आने वाली हैं। फिल्म की रिलीज से पहले आयोजित इस खास इवेंट में रानी के 30 साल के करियर को याद किया गया। इस दौरान रानी और करण जौहर ने मंच पर साथ बैठकर बीते तीन दशकों की यादों को ताजा किया। बातचीत के दौरान करण जौहर ने खुलासा किया कि जब 'कुछ कुछ होता है' बन रही थी, तब कई डिस्ट्रीब्यूटर्स रानी की आवाज को लेकर शक जता रहे थे। इस इवेंट का वीडियो पैपराजी पेज 'ताहिर जासूस' ने इंस्टाग्राम पर साझा किया।
करण जौहर ने बताया कि उस समय कुछ लोगों का मानना था कि दर्शक रानी की भारी आवाज को स्वीकार नहीं करेंगे। लेकिन करण इस बात से सहमत नहीं थे। उन्होंने साफ कहा कि जब कोई अभिनेत्री नई है, तो ये तय करना मुश्किल है कि दर्शक उसे कैसे अपनाएंगे। ऐसे में उसकी आवाज बदलने का कोई तुक नहीं था।
इस पूरे फैसले को याद करते हुए रानी मुखर्जी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि करण जौहर ने उन पर भरोसा दिखाया और उन्हें अपनी असली आवाज में डबिंग करने का मौका दिया। रानी ने बताया कि करण ने उनसे पूछा था कि क्या उन्हें अपनी आवाज में डबिंग करने में कोई परेशानी है। जब रानी ने मना किया, तो करण ने साफ कहा कि उन्हें उनकी आवाज पसंद है और वही फिल्म में रहेगी। रानी ने कहा कि अगर उस वक्त उनकी आवाज बदली जाती, तो शायद वो एक कलाकार के तौर पर आत्मविश्वास हासिल नहीं कर पातीं। उन्होंने करण को इसके लिए धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी वजह से वो अपनी पहचान बना सकीं।
रानी की बातों पर करण जौहर ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि रानी की आवाज उनकी परफॉर्मेंस का अहम हिस्सा रही है। करण के मुताबिक, रानी की आवाज ने उनके किरदारों को अलग पहचान दी और यही उनकी ताकत बनी।
जब 'कुछ कुछ होता है' रिलीज हुई थी, तब रानी मुखर्जी की उम्र महज 20 साल थी। इस फिल्म ने न सिर्फ रानी के करियर को नई दिशा दी, बल्कि शाहरुख खान और काजोल की जोड़ी को भी और मजबूत किया। फिल्म आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती है।
इस दौरान रानी मुखर्जी ने अपने करियर में निभाए गए मजबूत महिला किरदारों पर भी चर्चा की। उन्होंने 'हिचकी', 'नो वन किल्ड जेसिका', 'तलाश', 'कभी अलविदा ना कहना' और 'मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे' जैसी फिल्मों का जिक्र किया। रानी ने कहा कि ऐसे किरदारों ने उन्हें एक अभिनेत्री के तौर पर चुनौती दी और पहचान दिलाई। मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिल चुका है।
Published on:
22 Jan 2026 04:02 pm
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