बिलासपुर, Jun 01, 2026

1 जून से राजस्व अधिकारी सामूहिक अवकाश पर (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Naib Tehsildar Beaten Case: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि उप तहसील राजापुर, तहसील मैनपाट (सरगुजा) में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक के साथ मारपीट, अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने 1 जून से प्रदेशव्यापी कलमबंद, कामबंद और सामूहिक अवकाश पर जाने की घोषणा की है। संघ के इस फैसले से राजस्व और न्यायालयीन कार्यों के ठप होने की आशंका गहरा गई है।
संघ के अनुसार 27 मई 2026 को तुषार मानिक अपने न्यायालयीन एवं राजस्व दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे, तभी उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटना हुई। संघ ने इसे केवल एक अधिकारी पर हमला नहीं, बल्कि संपूर्ण राजस्व प्रशासन, न्यायालयीन व्यवस्था और प्रशासनिक गरिमा पर सीधा आघात बताया है। घटना के विरोध में संघ ने 29 मई को प्रदेशभर में सामूहिक अवकाश लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था तथा दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी।
बावजूद इसके मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से अधिकारियों में नाराजगी बढ़ गई है। संघ का कहना है कि ऐसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई नहीं होने से अधिकारियों का मनोबल प्रभावित होगा और निष्पक्ष कार्य करने वाले कर्मचारियों के बीच भय का वातावरण बनेगा।
संघ को विभिन्न कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों का भी समर्थन मिला है। छात्रावास अधीक्षक संघ तथा राजस्व पटवारी संघ ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने तक प्रदेश के सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अनिश्चितकालीन कलमबंद, कामबंद एवं सामूहिक अवकाश पर रहेंगे, जिससे राजस्व, न्यायालयीन और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
दरअसल, सीतापुर में बड़ा विवाद सामने आया था, जहां विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन से कथित बदसलूकी के आरोप के बाद मामला हिंसक हो गया था। बताया जा रहा था कि नायब तहसीलदार द्वारा फाइल पर हस्ताक्षर को लेकर हुई कहासुनी के बाद स्थिति बिगड़ गई थी और विधायक समर्थकों ने नायब तहसीलदार की बेरहमी से पिटाई कर दी थी, यहां तक कि उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए थे।
सूचना के अनुसार, यह पूरा मामला उस समय शुरू हुआ था जब विधायक की बहन राजापुर उपतहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार से एक फाइल पर हस्ताक्षर कराने पहुंची थी। इसी दौरान नायब तहसीलदार द्वारा कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर विवाद बढ़ गया था और उन्हें कार्यालय से बाहर जाने को कहा गया था। इसके बाद मामला इतना बढ़ गया था कि हिंसक रूप ले लिया था।
घटना के बाद नायब तहसीलदार सीतापुर थाने पहुंचे थे और पूरे मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस घटना से प्रशासनिक हलकों में आक्रोश फैल गया था और मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ गया था।
Published on: 01 Jun 2026 07:31 am

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