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Bikaner: हमारी मूंगफली के तेल से किस्मत चमका रहे दूसरे स्टेट, सालाना एक करोड़ बोरी का निर्यात

Groundnut exports to other States: बीकानेर। प्रदेश ही नहीं देश में गुणवत्तापूर्ण मूंगफली उत्पादन में सिरमौर बीकानेर जिला होने के बावजूद यहां के किसानों से लेकर उद्यमियों तक के हाथ पल्ले ज्यादा कुछ नहीं पड़ रहा है। सालाना एक करोड़ बोरी मूंगफली बीकानेर की मंडियों से ट्रकों में भरकर देशभर में और विदेशों में जाती है। गिनी-चुनी ऑयल मिलों को छोड़कर मूंगफली फूड प्रोसेसिंग की इकाइयां बीकानेर में नहीं है।

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ऑयल मिलों में सालाना 60 लाख बोरी मुंगफली की खपत, पत्रिका फोटो

ऑयल मिलों में सालाना 60 लाख बोरी मुंगफली की खपत, पत्रिका फोटो

Groundnut exports to other States: बीकानेर। प्रदेश ही नहीं देश में गुणवत्तापूर्ण मूंगफली उत्पादन में सिरमौर बीकानेर जिला होने के बावजूद यहां के किसानों से लेकर उद्यमियों तक के हाथ पल्ले ज्यादा कुछ नहीं पड़ रहा है। सालाना एक करोड़ बोरी मूंगफली बीकानेर की मंडियों से ट्रकों में भरकर देशभर में और विदेशों में जाती है। गिनी-चुनी ऑयल मिलों को छोड़कर मूंगफली फूड प्रोसेसिंग की इकाइयां बीकानेर में नहीं है। मूंगफली का छिलका हटाकर उसके गोटे से खाद्य प्रोडक्ट्स बनाने, तेल निकालने, पशु आहार तैयार करने सहित कई तरह के उद्योग यहां पनप सकते है। परन्तु सरकारी अनदेखी के चलते यह सब दूसरे राज्य कर रहे है।

मूंगफली की प्रोसेसिंग यूनिट्स नहीं लगी होने का नुकसान किसानों को भी होता है। मूंगफली के पूरे दाम नहीं मिल पाते। स्थानीय खरीददार कम होने से माल मंडियों में कई दिनों तक पड़ा रहता है। साथ ही मूंगफली की प्रोसेसिंग यूनिट्स से पैदा होने वाले रोजगार और कामगारों से इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का पहिया भी घूम सकता है।

अकेले बीकानेर मंडी में सवा करोड़ बोरी

इस बार गुजरात में बेमौसम बरसात से वहां की मूंगफली की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। दूसरी तरफ देश में बीकानेर की मूंगफली की क्वालिटी का डंका बज रहा है। अकेली बीकानेर अनाज मंडी में इस सीजन में सवा करोड़ बोरी मूंगफली का कारोबार रहने का अनुमान है। इसमें से 60 लाख बोरी गुजरात सहित अन्य राज्यों में निर्यात हो चुका है। प्रदेश में सीजन में सवा करोड़ बोरी मूंगफली का निर्यात रहने वाला है।

150 ऑयल इंडस्ट्री, 30 फीसदी ही खपा पाते

बीकानेर व आस-पास के क्षेत्र में करीब 150 तेल मिलों में मूंगफली का तेल निकाला जाता है। हालांकि तेल से फूड प्रोडेक्ट प्रोसेसिंग की यूनिट्स नहीं है। ऐसे में मिलों से तेल का 90 फीसदी हिस्सा बाहर भेज दिया जाता है। सालाना करीब तीस लाख बोरी मूंगफली से तेल का उत्पादन होता है। शेष मूंगफली दूसरे राज्यों की ऑयल मिलों में चली जाती है। तेल निकालने के बाद पशु आहार खल भी बनती है।

प्रतिदिन 200 टन तेल का निर्यात

बीकानेर से मूंगफली का निर्यात ताे बड़ी मात्रा होता है। बाहर के व्यापारियों की नजर यहां की उच्च क्लालिटी की मूंगफली पर रहती है। प्रतिदिन 200 टन तेल का निर्यात भी किया जाता है। यह तेल भी गत चार-पांच माह से जा रहा है। गुजरात में बरसात से मूंगफली की फसल खराब हो गई थी। इस वजह से इस बार तेल व मूंगफली की मांग बढ़ गई है।

  • चन्द्रप्रकाश नवलखा, तेल मिल संचालक

यह है दरकार

  • राज्य सरकार को बीकानेर में मूंगफली ऑयल मिलों और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने के लिए प्रोत्साहन देना चाहिए।
  • मूंगफली का देश में सबसे बड़ा उत्पादक हो रहा है। ऐसे में बीकानेर को मूंगफली हब के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
  • एग्रो फूड पार्क में मूंगफली व गोटा प्रोसेसिंग इकाइयों को लगाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
  • अनाज मंडियों में सरकार को मूंगफली ग्रेडिंग व पैकिंग यूनिट्स लगानी चाहिए। इससे किसान व व्यापारी अपने माल की ग्रेडिंग करवा सकेंगे।
  • किसानों के लिए उच्च गुणवत्ता के बीज तैयार करावा कर देने, इस पर अनुसंधान के लिए प्रोजेक्ट चलाने चाहिए।

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