
पुष्करणा सावे के अवसर पर सजा गोकुल सर्कल।
पुष्करणा ब्राह्मण समाज का सामूहिक विवाह (सावा) मंगलवार को होगा। पुष्करणा सावे पर पुष्करणा ब्राह्मण समाज सहित विभिन्न समाज और जातियों के सैकड़ों जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। एक दिन, एक मुहूर्त में होने वाली सैकड़ों शादियों से परकोटा क्षेत्र छत बनेगा और शहरवासी बाराती। पुष्करणा सावे को लेकर सावा क्षेत्र दुल्हन की तरह सज चुका है। गली-मोहल्लों से चौक-चौराहो और मुख्य मार्गों पर रंगीन रोशनी की जगमगाहट है। कलात्मक रूप से चौक प्रांगण सज चुके हैं। हर घर और गली-मोहल्लों तक भवनों से मांगलिक गीतों की गूंज सुनाई दे रही है। विवाह वाले घरों में मांगलिक परंपराओं का दौर चल रहा है।
खिड़किया पाग, पीतांबर, पैदल निकलेंगी बारातें
पुष्करणा सावे की विशेष पहचान विष्णुरूपी दूल्हे हैं। शताब्दियों पुरानी परंपरा के तहत दूल्हे विष्णुरूप में बिना घोड़ी, रथ, बैण्ड, डीजे के बारातियों के साथ विवाह करने पहुंचेंगे। विष्णुरूपी दूल्हों के सिर पर खिड़किया पाग, बनियान, पीतांबर, ललाट पर पेवड़ी और नंगे पांव शंख ध्वनि और झालर की झंकार के बीच अपने ससुराल पहुंचेंगे।
विष्णुरूपी दूल्हों का होगा सम्मान
पुष्करणा सावे पर पारंपरिक विष्णुरूप में विवाह करने के लिए जाने वाले दूल्हों का सम्मान किया जाएगा। मोहता चौक, बारह गुवाड़ चौक, फूंभड़ा पाटे के पास, नत्थूसर गेट के अंदर सहित अनेक स्थानों पर नकद राशि सहित विभिन्न तरह के उपहार प्रदान कर विष्णुरूपी दूल्हों का सम्मान किया जाएगा।
Published on:
09 Feb 2026 09:00 pm
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