12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bikaner Camel Festival 2026: अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव का भव्य आगाज, जानें आज कौन-कौनसे होंगे कार्यक्रम?

Photos Of Bikaner Camel Festival: बीकानेर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव की शुरुआत शुक्रवार को हेरिटेज वॉक से हुई, जिसमें बीकानेरी संस्कृति, स्थापत्य कला और खानपान की झलक देखने को मिली।

3 min read
Google source verification
Bikaner-Camel-Festival

फोटो: पत्रिका

Day 2 Of Camel Festival: मूंछों पर ताव देते रोबीले चेहरे, बड़ी पगड़ियों में सजे युवा, तांगों पर सवार अधिकारी और सैलानी…। हवेलियों के शहर में शुक्रवार को परंपरा, संस्कृति और अपनायत एक साथ चलती नजर आई। अवसर था तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव के शुभारंभ का, जिसकी शुरुआत नगर सेठ लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर से आयोजित हेरिटेज वॉक के साथ हुई।

लक्ष्मीनाथ मंदिर से रामपुरिया हवेलियों तक निकली हेरिटेज वॉक में बीकानेर की स्थापत्य कला, लोक संस्कृति, खानपान और अतिथि सत्कार की जीवंत झलक देखने को मिली। देशी-विदेशी सैलानी, स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी बीकानेरी रंगों में सराबोर नजर आए।

स्वाद, संगीत और शंखनाद से सजी विरासत यात्रा

हेरिटेज वॉक के दौरान भुजिया, घेवर, जलेबी और कचौड़ी बनाने की कला का लाइव प्रदर्शन हुआ, जिसे देखकर सैलानी खासे उत्साहित नजर आए।

रामपुरिया हवेलियों के पास वॉक का समापन हुआ, जहां हवेली के भीतर पंडित नारायण दास रंगा और उनकी टीम ने हवेली संगीत की मनोहारी प्रस्तुति देकर वातावरण को भावुक बना दिया। शेखावाटी की चंग टीम की प्रस्तुति और साहित्यकार सुधा आचार्य के शंखनाद ने पूरे मार्ग को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

‘हवेलियों को नहीं आने देंगे कोई आंच’

हेरिटेज वॉक का शुभारंभ केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास और जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ ने की। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव बीकानेर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हजार हवेलियों वाले इस शहर की विरासत को सुरक्षित रखने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि हेरिटेज वॉक के जरिए बीकानेर की सांस्कृतिक पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगी।

सेल्फी, फूलों की बारिश और अपनायत

सजे-धजे मार्गों और हवेलियों की पृष्ठभूमि में सैलानी जगह-जगह सेल्फी लेते दिखे। कई स्थानों पर स्थानीय नागरिकों ने फूल बरसाकर और मालाएं पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया। बीकानेर की इस आत्मीयता से विदेशी सैलानी खासे भावुक नजर आए। इस दौरान मंत्री मेघवाल और विधायक व्यास ने स्वयं घेवर बनाए और रबड़ी का स्वाद लिया।

जाजम पर पावणों की मनुहार

जिला उद्योग संघ अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पचीसिया की अगुवाई में आयोजित ‘मान-मनुहार’ कार्यक्रम में विदेशी पावणों ने जाजम पर बैठकर ठेठ राजस्थानी भोजन का स्वाद चखा। बाजरे की रोटी, राबड़ी, खीचड़ा, सांगरी की सब्जी और पापड़-फळी उनके लिए एक नया और यादगार अनुभव रहा। कार्यक्रम स्थल पर गोबर से बने उत्पाद, ऊन की शॉलें-गलीचे, बड़ी-पापड़ और हस्तनिर्मित वस्तुओं की स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहीं।

धरणीधर मैदान में रही फीकी मौजूदगी

ऊंट उत्सव के पहले दिन का अंतिम कार्यक्रम धरणीधर मैदान में आयोजित हुआ, जहां मिस्टर बीकाणा और मिस मरवण प्रतियोगिताएं हुईं। हालांकि यहां अपेक्षा के अनुरूप दर्शक नहीं पहुंच सके और कुर्सियां खाली नजर आईं। इसके बाद ‘बीकाणा री आवाज’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

आज के प्रमुख कार्यक्रम

10 जनवरी को सुबह 8 से 9 बजे तक संसोलाव तालाब किनारे ‘करें योग, रहें निरोग’ अभियान के तहत फ्लो योगा अभ्यास होगा। सुबह 9 से दोपहर 2:30 बजे तक राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र में ‘ऊंटां री बातां’ कार्यक्रम के तहत ऊंट नृत्य, साज-सज्जा, फर कटिंग, दौड़ और घुड़-दौड़ आयोजित होंगी। सुबह 11 से शाम 5 बजे तक डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में ‘ऊंटां रो इतिहास-विरासत’ कला प्रदर्शनी लगेगी। शाम 7 से रात 10 बजे तक ‘बेस्ट ऑफ राजस्थान फोक नाइट’ में लोक कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।


मकर संक्रांति