
यूपी बोर्ड में फर्जीवाड़े का सनसनीखेज खुलासा | AI Generated Image
UP board exam fraud Bijnor: बिजनौर में चल रही यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विज्ञान विषय की परीक्षा में छात्र सत्यम की जगह उसका परिचित भूपेंद्र सैनी परीक्षा देने पहुंच गया। यह फर्जीवाड़ा परीक्षा शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद उजागर हुआ, जब केंद्र व्यवस्थापक को गोपनीय सूचना मिली कि एक छात्र गलत पहचान के साथ परीक्षा दे रहा है। सूचना मिलते ही केंद्र पर हड़कंप मच गया और तत्काल जांच शुरू कर दी गई।
यह घटना नांगलजट इंटर कॉलेज नांगलजट के परीक्षा केंद्र हृदयानंद सार्वजनिक इंटर कॉलेज में सामने आई। केंद्र व्यवस्थापक और प्रधानाचार्य प्रशांत चौहान ने सूचना मिलते ही परीक्षा कक्ष में जाकर संदिग्ध छात्र से पूछताछ की। जांच के दौरान सामने आया कि सत्यम के रोल नंबर पर परीक्षा दे रहा युवक खुद को भूपेंद्र सैनी बता रहा है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह सत्यम की जगह परीक्षा देने आया था।
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब रोल नंबर से जुड़े अभिलेखों की जांच की गई। सत्यम के नाम के सामने रिकॉर्ड में भूपेंद्र सैनी की फोटो चस्पा मिली। इसका मतलब साफ था कि फर्जीवाड़े की तैयारी पहले से की गई थी और केवल परीक्षा केंद्र पर ही नहीं, बल्कि स्कूल स्तर से ही रिकॉर्ड में हेरफेर की गई। इससे स्कूल स्टाफ की संभावित मिलीभगत का संदेह और गहरा हो गया।
केंद्र व्यवस्थापक ने तत्काल मामले की जानकारी डीआईओएस जयकरन यादव को दी और पुलिस को बुलाया गया। मौके पर झालू चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह पहुंचे। भूपेंद्र सैनी से प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका जब्त कर ली गई और उसे पुलिस को सौंप दिया गया। केंद्र व्यवस्थापक की ओर से सत्यम और भूपेंद्र दोनों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि कहीं भूपेंद्र ने पहले भी किसी अन्य दिन सत्यम की जगह परीक्षा तो नहीं दी।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि नांगलजट इंटर कॉलेज से परीक्षा केंद्र को भेजे गए रिकॉर्ड में ही गड़बड़ी थी। कक्षा नौ के पंजीकरण और कक्षा दस के रोल नंबर से जुड़े दोनों अभिलेखों पर सत्यम के नाम के सामने भूपेंद्र की फोटो लगी हुई थी। इससे साफ संकेत मिलता है कि यह पूरी साजिश सुनियोजित थी और इसके पीछे किसी स्तर पर जानबूझकर रिकॉर्ड में हेरफेर की गई है।
मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने भी जांच के संकेत दे दिए हैं। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए कड़े इंतजाम किए जाते हैं, बावजूद इसके इस तरह की चूक या मिलीभगत सामने आना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि रिकॉर्ड में फोटो बदलने का काम किस स्तर पर किया गया। वहीं नांगलजट इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजकुमार शर्मा ने अपने स्तर से रिकॉर्ड सही भेजने का दावा किया है और किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है।
यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल और फर्जी परीक्षार्थियों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त निगरानी की जाती है। इसके बावजूद इस तरह का मामला सामने आना बताता है कि कुछ लोग नियमों को तोड़ने के लिए सुनियोजित तरीके अपनाते हैं। इस प्रकरण के बाद न केवल दोनों छात्रों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है, बल्कि स्कूल स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी।
Published on:
26 Feb 2026 05:00 pm
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