भोपाल, Jun 02, 2026

Twisha Sharma Case (Photo Source - Patrika)
Twisha Sharma Case Updates:एमपी के भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में लगातार सीबीआई जांच कर रही है। आज टि्वशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश किया गया। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने उनकी रिमांड नहीं मांगी है। वहीं दूसरी ओर टि्वशा की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी दिल्ली एम्स ने सीबीआई को सौंप दी है। अब इस रिपोर्ट पर ही सबकी निगाहें टिकी हैं।
रिपोर्ट सामने आते ही मौत की गुत्थी सुलझ सकती है। बीते दिनों टि्वशा की सास गिरिबाला और पति समर्थ से शादी, गर्भावस्था, घटना वाले दिन क्या हुआ और, चोटों के निशान के साथ-साथ कई पारिवारिक जीवन से जुड़े सवाल किए गए।
सीबीआई ने पूछा कि टि्वशा का व्यवहार कैसा था.... के सवाल पर सास गिरिबाला ने बताया कि शादी के शुरुआती दिनों में ट्विशा का व्यवहार सामान्य था, लेकिन बाद में उसमें बदलाव आने लगा। उन्होंने कहा कि ट्विशा मां नहीं बनना चाहती थी।
जब उनसे पूछा गया कि अगर समर्थ निर्दोष थे तो वह फरार क्यों रहे और अग्रिम जमानत क्यों ली तो गिरिबाला सिंह ने इसे गलती बताया। आर्थिक मदद के सवाल पर उन्होंने कहा कि परिवार ने जरूरत पड़ने पर हमेशा ट्विशा की सहायता की। उनके अनुसार शादी के बाद और नौकरी छूटने के दौरान भी उसे नियमित रूप से पैसे दिए गए और 5 महीनों में करीब 7 लाख रुपये की मदद की गई।
वहीं समर्थ के पारिवारिक जीवन को लेकर कई सवाल किए गए। समर्थ ने कहा कि वह खुद भी कुछ निजी परेशानियों से गुजर रहे थे और ट्विशा लगातार बच्चे को लेकर चर्चा करती थी। इससे वह मानसिक रूप से तनाव में थे। हालांकि उन्होंने कहा कि इसके बावजूद वह ट्विशा से बहुत प्यार करते थे। समर्थ से ये भी पूछा गया कि क्या शादी से पहले दोनों के बीच संबंध थे और क्या अंतरजातीय विवाह को लेकर किसी परिवार ने आपत्ति जताई थी। इन सवालों के जवाब में समर्थ ने कहा ऐसा कुछ नहीं था। हमारे रिश्ते नॉर्मल थे। हिंसा तक पहुंचे ऐसे नहीं थे।
समर्थ से शादी में हुए खर्च, दहेज की मांग और शादी में शामिल प्रभावशाली लोगों के बारे में भी सवाल किए गए। जांच एजेंसी ने शादी के बाद पति-पत्नी के रिश्ते, विवादों, आर्थिक लेन-देन और गर्भावस्था से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से पूछताछ की। CBI ने 7 लाख रुपये की आर्थिक मदद, गर्भपात, मानसिक स्वास्थ्य, कथित ड्रग्स सेवन और शेयर ट्रांसफर जैसे मामलों पर भी जवाब मांगे।
डिजिटल और फॉरेंसिक एंगल
क्राइम सीन रीक्रिएशन
बयानों में विरोधाभास
डिलीट डेटा और गायब सिम कार्ड
आर्थिक और परिवारिक विवाद
मंगलवार को सीबीआई ने समर्थ सिंह और पूर्व जज गिरिबाला सिंह की रिमांड नहीं मांगी। वहीं कोर्ट में गिरबाला सिंह ने खुद अपना पक्ष रखा। इस दौरान गिरबाला काफी गुस्से में नजर आई। जांच के दौरान आरोपी समर्थ और उसकी मां पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने अपने ऊपर लगे मारपीट और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज कर दिया है। दोनों का दावा है कि ट्विशा के साथ उनके संबंध सामान्य थे। सीबीआई उनके बयानों का सबूतों से मिलान कर रही है।
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Updated on: 03 Jun 2026 03:34 pm

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