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एमपी के शहरों को बड़ी सौगात, नई सड़कों, पेयजल आदि के लिए 5 हजार करोड़ रुपए मंजूर

MP cities- शहरों की होगी कायापलट, विकास के लिए सरकार ने खजाना खोला

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Rs. 5000 crore sanctioned for new roads and drinking water in MP cities

Rs. 5000 crore sanctioned for new roads and drinking water in MP cities- demo Pic

MP News- मध्यप्रदेश के शहरों की तस्वीर जल्द ही बदल जाएगी। यहां विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया है। मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत नगरीय निकायों के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया। मंत्रालय में हुई बैठक में शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान स्वीकृत करते हुए इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रुपए मंजूर किए। मंत्रि-परिषद ने उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना के लिए 1133 करोड़ 67 लाख रुपए की स्वीकृति भी दी। सिंहस्थ-2028 को दृष्टिगत रखते हुए यह योजना बनाई गई है। मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित सभी सदस्य टैबलेट लेकर आए।

प्रदेशभर में शहरों में कई सड़कें टूट चुकी हैं। पेयजल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था भी खराब है। यह स्थिति बदलने के लिए प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के पंचम चरण को लागू किया गया है। इससे सभी शहरों में जरूरी अधोसंरचनाएं उपलब्ध की जा सकेंगीं।

3 वर्षों के लिए मंजूर की राशि

मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत 5 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। यह राशि 3 वर्षों यानि वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 के लिए मंजूर की गई। योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से सड़कें बनाई जाएंगी।
शहर की प्रमुख सड़कों, मास्टर प्लान की सड़कें, जिले की प्रमुख रोड निर्माण तथा अनुषांगिक कार्य किया जाएगा।
सड़क सुरक्षा और शहरी यातायात सुधार पर ये राशि खर्च की जाएगी।

योजना का क्रियान्वयन नगरीय निकायों द्वारा

योजना की राशि से प्रदेश के शहरों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति और सीवरेज परियोजनाओं में गैप कवरेज से संबंधित काम, इंटरसेप्शन व डायवर्जन ड्रेन, एसटीपी निर्माण संबंधी कार्य तथा राज्य सरकार की प्राथमिकता के काम किए जा सकेंगे। योजना का क्रियान्वयन नगरीय निकायों द्वारा ही किया जाएगा। मंत्रि परिषद ने विश्वास जताया कि इस योजना के लागू होने से प्रदेश के शहरों में अधोसंरचनाओं से संबंधित समस्याएं समाप्त होंगी।

योजना में फ्लाई-ओवर, ब्रिज तथा अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं के निर्माण कार्यों को भी शामिल किया गया है। सीवरेज और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से संबंधित काम भी किए जा सकेंगे।