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प्रचार-प्रसार के लिए दिए डेढ़ करोड़, नौ महीने में सिर्फ ब्रोशर-पर्चे ही छपे

स्मार्टसिटी: दस लाख रुपए फोटोग्राफी, ढाई लाख बल्क एसएमएस और ३० लाख रुपए विज्ञापन फिल्मके लिए हुआ था टेंडर

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भोपाल. स्मार्टसिटी का एसएमएस से प्रचार-प्रसार के लिए ढाई लाख रुपए और कार्यक्रमों की फोटो खींचने के लिए 10लाख रुपए खर्च किया जाना है, तो इसके विज्ञापन फिल्म पर 30 लाख रुपए का खर्च करना तय किया गया है। अप्रैल 2017 में भोपाल की एक्वारिश कंपनी को इस तरह से स्मार्टसिटी और उसकी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के लिए 1.54 करोड़ रुपए का काम दिया था, लेकिन नौ माह बीतने के बाद भी अब तक एक भी होर्डिंग तक नहीं लगी।

पूरा खर्च अदृश्य तरीके से ब्रोशर, एसएमएस, फोटोग्राफी और पंप्लेट पर पहुंचा है। स्थिति ये है कि सबको दिखने वाले होर्डिंग के लिए ढाई लाख रुपए और ब्रोशर छपाई का खर्च 10.25 लाख रुपए है। जिस तरह से लंबी-चौड़ी प्रचार की सूची बनाकर काम दिया गया था, उससे अब तक राजधानी की सड़कें, बसें, वैन समेत तमाम सोशल मीडिया और इसी तरह के प्लेटफार्म पर आपको स्मार्टसिटी और उसकी योजनाओं का गुणगान नजर आना था, लेकिन एेसा कहीं भी नहीं दिख रहा है।

एक्वारिश कंपनी के अफसरों के अनुसार उनके पास होर्डिंग नहीं है और कॉर्पोरेशन की ओर से अब तक इस तरह की डिमांड भी नहीं आई है। अब तक हम ब्रोशर, पंप्लेट ही छाप रहे हैं। एेसे में समझा जा सकता है कि इतनी राशि का बजट होने के बावजूद किस तरह योजनाएं आमजन के पास तक पहुंचेंगी।

एक्वारिश की ओर से स्मार्टसिटी कॉर्पोरेशन से टेंडरिंग करने वाले कमलेश उपाध्याय के अनुसार हमारे पास होर्डिंग नहीं है। अभी पर्चे और इसी तरह की प्रचार सामग्री प्रदान कर रहे हैं। स्मार्टसिटी कॉर्पोरेशन की ओर से इस पूरी प्रक्रिया को सिटी इंजीनियर स्मार्टसिटी रामजी अवस्थी ने पूरा किया था। डिजाइन, प्रिंटिंग, प्रमोशन और आउटरीच प्रचार के लिए काम दिया था, लेकिन ये अब तक डिजाइन और प्रिंटिंग तक ही सिमटा हुआ है।

इस काम के लिए शर्तों में आउटडोर प्रमोशन
पैनल, बस, वैन, ब्रांडिंग के लिए यूटिलिटी वाहन की डिजाइन बनाना, ग्लो साइन बोर्ड, पोस्टर, स्टीकर, बेज, फोल्डर, ब्रोशर, आमंत्रण-पत्र, फ्लैक्स और इसी तरह के माध्यमों से प्रचार करना था।

इस तरह खर्च करना बताए डेढ़ करोड़ रुपए
-1.50 लाख रुपए आउटडोर प्रमोशन पर

- 2.50 लाख रुपए होर्डिंग पर
- 03 लाख रुपए बैनर पर

- 02 लाख रुपए पोस्टर पर
- 03 लाख रुपए फोल्डर प्रकाशन पर

- 3.75 लाख रुपए ब्रोशर पर
- 05 लाख रुपए कैंपेन थीम लाइन

- 2.50 लाख रुपए बल्क एसएमएस पर
- 10 लाख रुपए फोटोग्राफी पर

- 30 लाख रुपए विज्ञापन फिल्म पर
- 6.50 लाख रुपए मल्टीकलर ब्रोशर पर खर्च हुए।