
फोटो सोर्स- पत्रिका
MP Politics: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल में खत्म होने जा रहा है। जिसको लेकर सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरु हो गईं थी। हालांकि, दिग्विजय सिंह ने चर्चाओं पर पूर्ण विराम लगाते हुए कहा है कि वह राज्यसभा नहीं जाएंगे। जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
मीडिया ने दिग्विजय सिंह से सवाल पूछा कि अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने आपको पत्र लिखकर अनुसूचित जाति वर्ग के नेता को राज्यसभा भेजने की मांग की है। इस पर आपका क्या कहना है। दिग्विजय ने इसका जवाब देते हुए कहा कि - यह मेरे हाथ में नहीं है। इस निर्णय पार्टी आलाकमान करेगी, लेकिन एक बात मैं कहना चाहता हूं कि मैं अपनी सीट खाली कर रहा हूं।
साल 2028 में विधानसभा चुनाव और साल 2029 में लोकसभा चुनाव हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो दिग्विजय सिंह की नर्मदा यात्रा का साल 2018 के विधानसभा चुनावों में गहरा प्रभाव था। जिसमें उन्होंने गांव-गांव पैदल यात्रा की थी। उस दौरान कांग्रेस की सत्ता में वापसी भी हो पाई थी। इन्हीं कारणों को देखते हुए पार्टी आलाकमान से दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह प्रदेश की राजनीति में अपना पूरा समय देना चाहते हैं।
बता दें कि, पिछले महीने दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में दिग्विजय सिंह प्रजेंटेशन दे चुके हैं। जिसमें उन्होंने सुझाव दिया था कि कांग्रेस की जमीन को मजबूत करने के लिए बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिला स्तर पर मजबूत होना होगा।
Updated on:
13 Jan 2026 05:44 pm
Published on:
13 Jan 2026 05:42 pm
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