
rain alert in mp (फोटो- Patrika.com)
Rain Alert: भोपाल में वसंत ऋतु ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए है। ठंड के तेवर अब नरम पड़ते नजर आ रहे है और रातें कुछ गर्म होने लगी है। शुक्रवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो गुरुवार की तुलना में 6.2 डिग्री अधिक है। इससे पहले गुरुवार को न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री था। वहीं दिन का अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे दिन में हल्की गर्माहट महसूस की गई।
शुक्रवार सुबह से ही राजधानी में पतझड़ी मौसम का एहसास हुआ। आसमान साफ रहा और दिनभर हवाएं चलती रहीं, लेकिन इनमें पहले जैसी ठंडक नहीं थी। प्रदेश में हवाओं की रफ्तार करीब 14 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक वहीद खान के अनुसार हवा की दिशा उत्तर से बदलकर दक्षिण-पश्चिम हो गई है। इसी बदलाव के कारण रात के तापमान में अचानक उछाल देखने को मिला है। (MP News)
मौसम का यह मिजाज स्थायी नहीं रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 26 जनवरी से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 27 और 28 जनवरी को राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि शनिवार से हवा का पैटर्न एक बार फिर बदल सकता है। इसके चलते रात के तापमान में तेजी से गिरावट आ सकती है और ठंड हल्की वापसी कर सकती है। फिलहाल राजधानीवासी बसंत की इस नरमाहट का आनंद ले रहे हैं, जहां ठंड लगभग गायब होती नजर आ रही है।
आरएस परिहार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का रुख अभी दिल्ली से शुरु होकर ग्वालियर तक पहुंचा हैं और जल्द ही वह बुंदेलखंड की तरफ बढ़ेगा। इसी के कारण बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा छतरपुर जिले में पश्चिमी विक्षोभ के प्रवेश करते ही बूंदाबांदी के आसार भी बन रहे हैं। फिलहाल दो दिनों तक बादल छाने की संभावना है। इसके बाद तापमान में गिरावट होने के संकेत मौसम केंद्र ने दिए हैं।
श्योपुर जिले में मावठ की बारिश के आसार बने रहे हैं। किसानों का कहना है कि मावठ आती है तो ये रबी की फसलों के लिए अमृत का काम करेंगी। लेकिन इसके साथ ओलावृष्टि होने पर फसल को नुकसान की संभावनाएं हैं। राजस्थान के कुछ इलाकों में शुक्रवार की सुबह ओलावृष्टि हुई है, जिसके चलते किसानों की चिंताएं भी बढ़ी हुई है। किसानों का कहना है कि बारिश गेहूं, सरसों, चना, जौ जैसी फसलों को प्राकृतिक सिंचाई देती है, जिससे फसलों की ग्रोथ बेहतर होती है, पैदावार बढ़ती है और सिंचाई का खर्च भी बचता है। इसलिए इस मौसम को देखकर किसानों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं। लेकिन ओलावृष्टि की संभावनाओं ने उनकी चिंताएं भी बढ़ा रखी है। (MP News)
Published on:
24 Jan 2026 05:00 am
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