
MP Governor listened to PM Narendra Modi's 'Mann Ki Baat' with prisoners
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने रविवार को केन्द्रीय जेल भोपाल में बंदियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सुना। इस अवसर पर जेल विभाग के सचिव मनीष सिंह, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव और अतिरिक्त महानिदेशक जेल अखितो सेमा भी मौजूद थे। वर्ष 2026 के पहले प्रसारण से पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ केवल एक प्रसारण नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के भीतर आशा, विश्वास और आत्मबल जागृत करने का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम संदेश देता है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, परिवर्तन की शुरुआत व्यक्ति के भीतर से ही होती है। व्यक्ति की पहचान केवल उसके अतीत से नहीं, बल्कि उसके वर्तमान संकल्प और भविष्य की दिशा से तय होती है। यही दृष्टिकोण सरकार के कारागार सुधार और बंदी पुनर्वास से जुड़े सभी प्रयासों की आधारशिला है।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन, आत्म-सुधार और आत्म-निर्माण का अवसर हैं। उन्होंने बंदियों से आह्वान किया कि वे ‘मन की बात’ के संदेश को आत्मसात करें। कारावास के समय को निराशा से मुक्त होकर आशा, आत्म-परिवर्तन और नव-निर्माण का अवसर बनाएं। यह समय जीवन को नई दिशा देने का अवसर है।
राज्यपाल पटेल ने मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह विधेयक–2024 तथा भारत सरकार के मॉडल प्रीजन एंड करेक्शनल सर्विस एक्ट–2023 के क्रियान्वयन पर अधिकारियों की प्रशंसा की। उन्होंने मध्यप्रदेश को वर्ष में 5 बार बंदियों की रिहाई की अभिनव पहल करने वाला देश का पहला राज्य बनने को अत्यंत मानवीय और दूरदर्शी कदम बताया।
जेल महानिदेशक वरूण कपूर ने कहा कि प्रदेश की जेलों में मन की बात के नियमित श्रवण की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने विभागीय प्रतिवेदन में बताया कि प्रदेश में ओवर क्रॉऊडिंग की दर 54 प्रतिशत से घटकर 38 प्रतिशत हो गई है। यह राष्ट्रीय औसत के पास है। मध्यप्रदेश में 88 प्रतिशत पेशी वीसी के माध्यम से ही की जा रही है। भारत सरकार की गरीब बंदी सहायता योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने में मध्यप्रदेश संपूर्ण देश में प्रथम स्थान पर है।
महानिदेशक वरूण कपूर ने बताया कि नवीन जेल नियमावली के निर्माण सहित प्रदेश में पहली बार सभी 125 जेलों में त्रिस्तरीय सुरक्षा ऑडिट 01 जनवरी से 15 जनवरी 2026 के मध्य संपादित किया गया। यह सुरक्षा ऑडिट प्रत्येक वर्ष में 2 बार संपादित किया जाएगा। नशीली सामग्री के स्थान पर वैकल्पिक खाद्य पदार्थ जेलों में स्थापित कैंटीन के माध्यम से प्रदान करना जैसे नवाचार किए गए है।
एमपी में बंदियों के आध्यात्मिक तथा मानसिक शांति एवं विकास के लिए सभी जेलों में गीता जयंती पर श्रीमद् भागवत गीता का पाठ कराया जाता है। इसी क्रम में आगामी 6 फरवरी को केंद्रीय जेल, इंदौर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस दिन "गीता मनीषी" स्वामी ज्ञानानंद महाराज के विशेष प्रवचन का सीधा प्रसारण प्रदेश की सभी केन्द्रीय एवं सर्किल जेलों में किया जाएगा।
कार्यक्रम में राज्यपाल को बंदियों द्वारा निर्मित स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। केन्द्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक राकेश कुमार ने आभार प्रदर्शन किया।
Published on:
25 Jan 2026 04:56 pm
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