16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

75 प्रकार के दस्तावेजों की रजिस्ट्री अब आसान, सीएम देंगे प्रदेश के पहले साइबर रजिस्ट्री ऑफिस की सौगात

मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव आज प्रदेश को नई सौगात देने जा रहे हैं, वे प्रदेश के पहले साइबर पंजीयन कार्यालय की शुरुआत करेंगे। इसके बाद रजिस्ट्री प्रक्रिया आसान और पारदर्शी हो जाएगी

less than 1 minute read
Google source verification
MP Cyber Registry Office bhopal first digital office online property registration

MP Cyber Registry Office bhopal first digital office online property registration(photo: patrika)

MP First Cyber Registry office: राजधानी में आज सोमवार 16 फरवरी को प्रदेश के पहले साइबर पंजीयन कार्यालय की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) इसका शुभारंभ करेंगे, जबकि उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। सरकार का दावा है कि इससे रजिस्ट्री की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी होगी।

75 प्रकार के दस्तावेजों रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी आसान

इस नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के किसी भी जिले के 75 प्रकार के दस्तावेजों की रजिस्ट्री अब राजधानी भोपाल स्थित इस कार्यालय से कराई जा सकेगी। यानी अगर कोई व्यक्ति इंदौर, जबलपुर या ग्वालियर की संपत्ति खरीद रहा है, तो उसे संबंधित जिले में जाकर लंबी प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक ही स्थान से पूरी प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

ये होगी खासियत

सबसे बड़ी बात यह है कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस और फेसलेस होगी। दस्तावेजों का सत्यापन, शुल्क भुगतान और पंजीयन डिजिटल माध्यम से होगा। इससे बिचौलियों की भूमिका घटने और समय की बचत होने की उम्मीद है।

विदेश में बैठे लोगों को भी मिलेगा फायदा

इस नई व्यवस्था (MP First Cyber Registry Office Bhopal) का फायदा उन लोगों को भी मिलेगा जो विदेश में रहकर प्रदेश में संपत्ति खरीदना या बेचना चाहते हैं। वे बिना पंजीयन कार्यालय पहुंचे ऑनलाइन माध्यम से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

बढ़ेगी पारदर्शिता

सरकार का मानना है कि अब रजिस्ट्री ((MP First Cyber Registry Office Bhopal) मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, यात्रा और अतिरिक्त खर्च कम होगा और आम नागरिक को सुविधा मिलेगी। यदि यह मॉडल सफल रहा, तो भविष्य में ऐसे साइबर पंजीयन कार्यालय अन्य जिलों में भी शुरू किए जा सकते हैं।