29 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भोपाल, May 21, 2026

टि्वशा की सास पर बड़ा एक्शन ! जल्द छिनेगा ‘कंज्यूमर फोरम’ का अध्यक्ष पद

Twisha Sharma Case Big Update: इस पूरे मामले में पुलिस कमिश्नर संजय सिंह का कहना है कि SIT हर एंगल से निष्पक्ष जांच कर रही है।

Twisha Sharma Case

Twisha Sharma Case (Photo Source - Patrika)

Twisha Sharma Case:एमपी में भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस में रोज नए पहूल सामने आ रहे है। बता दें कि ट्विशा शर्मा के परिवार ने सास सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को जिला कंज्यूमर फोरम से हटाने की मांग की थी। परिवार ने इसके लिए राज्यपाल को पत्र भेजा था। अब इसे लेकर कार्यवाही शुरु हो चुकी है। कंज्यूमर फोरम खाद्य आपूर्ति विभाग के अंतर्गत आता है। यही कारण है कि खाद्य विभाग के उप सचिव ने रजिस्ट्रार राज्य उपभोक्ता आयोग को पत्र लिखा है।

इस पत्र में कहा गया है कि गिरीबाला सिंह के विरुद्ध दर्ज प्रकरण के चलते उपभोक्ता संरक्षण नियम 2020 के उप नियम 9 (2) जिसमें पद से हटाना शामिल है के अनुसार जांच कर प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का कष्ट करें। ये जटिल मामलों में इस्तीफा या रिमूवल की प्रक्रिया की होती है। ऐसे में जिला कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति और त्यागपत्र को लेकर राज्य सरकार ने पत्राचार शुरू कर दिया है।

पुलिस बोली- निष्पक्ष जांच कर रही SIT

इस पूरे मामले में पुलिस कमिश्नर संजय सिंह का कहना है कि SIT हर एंगल से निष्पक्ष जांच कर रही है। पहले ये मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि मृतका के गले पर मिले निशान बेल्ट से फांसी लगाने के हैं। वहीं, कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे ने परिजनों के साथ अभद्रता के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि पूरे थाना परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। थाने में परिजनों के साथ किसी प्रकार की अभद्रता नहीं की गई।

लगाई गई 6 टीमें

वहीं दूसरी ओर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने आरोपी पर घोषित इनाम राशि 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दी है। आरोपी की तलाश में छह टीमें लगाई गई हैं। मामले में एसआईटी गठित की गई है और लुक-आउट नोटिस भी जारी किया गया है, लेकिन अब तक आरोपी गिरफ्त में नहीं आया है।

वकील ने उठाई थी आपत्ति

बीते दिन इस पूरे मामले में वकील अंकुर पांडे ने कहा था कि "जांच एजेंसियों ने इस मामले को ठीक से नहीं संभाला है। वे एम्स भोपाल में चीज़ों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं… वे एम्स की प्रक्रिया और जांच को खराब करने के लिए हर संभव तरीका अपना रहे हैं, जिसका एकमात्र मकसद मामले को कमजोर करना है।

एम्स ने लिगेचर (गले में कसा हुआ फंदा) क्यों नहीं मांगा… शव की हालत हर दिन बिगड़ती जा रही है। एम्स ने यह भी कहा है कि उनके पास शव को इतने लंबे समय तक सुरक्षित रखने की सुविधाएं नहीं हैं… हालांकि, (आरोपी के) प्रभाव के कारण ही ऐसी परिस्थितियां पैदा हुई हैं। इसीलिए हमने अनुरोध किया है कि जांच (दोबारा पोस्टमार्टम) एम्स, दिल्ली में की जाए।

जारी किया गया पत्र

बता दें कि, ट्विशा शर्मा मौत मामले में पुलिस ने परिवार को शव लेने के लिए एक पत्र जारी किया है। पुलिस का कहना है कि एम्स भोपाल में शव के खराब होने की आशंका है, इसलिए परिवार को जल्द से जल्द शव ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने अदालत को यह भी बताया है कि वह दूसरी बार पोस्टमार्टम कराने में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। पुलिस का कहना है कि उन्हें दोबारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पर कोई आपत्ति नहीं है।

कमेंट्स

कोई कमेंट नहीं है।

पहले कमेंट करने वाले बनें।

कृपया पक्का करें कि आपका कमेंट हमारे नियमों एवं शर्तों के मुताबिक हो।
ट्रेंडिंग वीडियो

संबंधित खबरें