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बजट में स्मार्ट उद्योग क्षेत्र की घोषणा तीन साल बाद भी अधूरी

भिवाड़ी. औद्योगिक क्षेत्र सलारपुर को स्मार्ट तरीके से बसाने की घोषणा 2023-24 बजट में की गई थी। 2022 समिट में उद्योग क्षेत्र में निवेश के लिए भूखंड आवंटन करना शुरू किए थे। यहां पर कुछ बड़ी इकाई ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है जबकि दर्जनों की संख्या में नए प्लांट का निर्माण चल रहा […]

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भिवाड़ी

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Dharmendra dixit

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Dharmendra Dixit

Feb 14, 2026

पावर स्टेशन, मल्टी स्टोरी कॉम्पलेक्स, वेस्ट डिस्पोजल साइट विकसित होने का इंतजार, स्मार्ट की योजना फेल, सडक़ों पर कचरे के ढेर

भिवाड़ी. औद्योगिक क्षेत्र सलारपुर को स्मार्ट तरीके से बसाने की घोषणा 2023-24 बजट में की गई थी। 2022 समिट में उद्योग क्षेत्र में निवेश के लिए भूखंड आवंटन करना शुरू किए थे। यहां पर कुछ बड़ी इकाई ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है जबकि दर्जनों की संख्या में नए प्लांट का निर्माण चल रहा है। उद्योग क्षेत्र को स्मार्ट बनाने का काम तीन साल पूर्व हुई बजट घोषणा के बाद भी अधूरा है। यहां पर बिजली आपूर्ति की ही समस्या बनी हुई है। प्रसारण और विद्युत निगम के जीएसएस की क्षमता उक्त क्षेत्र में कम है। नए 220 केवी जीएसएस और 132 केवी जीएसएस का निर्माण स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र की घोषणा के तहत होना था। कागजी कार्रवाई में उलझे होने की वजह से रीको और प्रसारण निगम अभी तक यहां पर जीएसएस का निर्माण नहीं कर सके हैं। औद्योगिक क्षेत्र सलारपुर 424 हेक्टेयर में विकसित किया है। रोड निर्माण, पुलिया निर्माण, समतलीकरण, चारदीवारी, भूखंड डिमार्केशन पिलर, आवासीय क्षेत्र में नालियां निर्माण, भूखंड के अंदर जाने के लिए पुलिया और रेन वाटर हार्वेस्टिंग के स्ट्रक्चर का निर्माण करीब 50 करोड़ रुपए से हुआ है। नया औद्योगिक क्षेत्र होने की वजह से सरकार की मंशा स्मार्ट बनाने की थी लेकिन यहां सडक़ों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिसमें दूर से बदबू आती है।

इस तरह समझिए बिजली की कमी
220 केवी खुशखेड़ा से 33 केवी होंडा चौक पर बिजली आपूर्ति होती है और यहां से 11 केवी सलारपुर फीडर निकलता है, जिससे 11 केवी की आपूर्ति होती है। उक्त लाइन पर फिलहाल 800 केवीए का लोड और लगभग 1500 केवीए का भार और बढ़ाया जा सकता है। अभी क्षेत्र में आठ फैक्ट्रियों ने निर्माण के अस्थायी कनेक्शन ले रखे हैं। 11 केवी का दूसरा फीडर नहीं निकल सकता। सलारपुर में निर्माणाधीन फैक्ट्रियों को 33 केवी कनेक्शन की जरूरत होने पर निगम और रीको के पास फिलहाल कोई विकल्प नहीं है। 33 केवी का कनेक्शन तभी दिया जाएगा, जब सलारपुर में 33 केवी जीएसएस का निर्माण हो।

ऐसे बनाई थी स्मार्ट बनाने की योजना
औद्योगिक और आवासीय क्षेत्र के बीच में हरित पट्टी छोड़ी हुई है, जिस पर पौधारोपण कराया जाएगा। पावर स्टेशन के लिए बिजली निगम को जमीन दी जाएगी, प्रसारण निगम की ओर से जीएसएस निर्माण कराया जाएगा। रीको भी जीएसएस निर्माण कराएगी। डेडिकेटड वेस्ट डिस्पोजल के लिए औद्योगिक संगठनों के एसपीवी को जगह चिन्हित कर दी जाएगी। रीको ने अपने नक्शे में व्यावसायिक भूखंड के लिए योजना तैयार की है, उसकी स्वीकृति मुख्यालय से लेने के बाद विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही 250 करोड़ की लागत से मल्टी स्टोरी कॉम्पलेक्स का निर्माण होना है। घोषणा के अनुसार उक्त विकास कार्य अभी तक आगे नहीं बढ़ सके हैं।