
भिवाड़ी. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) अब उद्योगों से निकलने वाले वायु प्रदूषण उत्सर्जन की जांच ऑनलाइन करेगी। उद्योग क्षेत्र में फर्नेस, फूड और टेक्सटाइल से जुड़े 245 उद्योगों में ऑनलाइन कंटीन्यूस इमीसन मॉनिटरिंग सिस्टम (ओसीइएमएस) गैजेटस लगाए जा रहे हैं। आरपीसीबी से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक 175 उद्योगों ने ओसीइएमएस खरीदने के लिए ऑर्डर दे दिए हैं, जिनकी जानकारी आरपीसीबी को दी है। 70 उद्योग बचे हैं, इन्होंने ओसीइएमएस खरीदने के ऑर्डर नहीं दिए हैं, मंडल के अनुसार इसमें से 36 उद्योग ऐसे हैं जो कि छूट की श्रेणी में आते हैं और कुछ बंद हैं। इस तरह करीब 36 उद्योग ऐसे बचे हैं जिन्होंने ओसीइएमएस खरीदने और लगाने की जानकारी मंडल को नहीं दी है। मंडल के अनुसार ओसीइएमएस नहीं लगाने वाली इकाइयों की जांच सीपीसीबी एक फरवरी से शुरू करेगी। जिन इकाइयों में उपकरण नहीं होंगे, उन पर सीपीसीबी ही कार्रवाई करेगी। उपकरण लगाने के लिए 31 दिसंबर अंतिम तिथि थी। ओसीइएमएस लगने के बाद उक्त इकाइयों से निकलने वाले धुंए सहित अन्य प्रदूषण की जांच सीपीसीबी मुख्यालय में रियल टाइम होती रहेगी। प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर कार्रवाई करने में देरी नहीं होगी। क्षेत्रीय अधिकारी अमित जुयाल ने बताया कि अधिकांश इकाइयों ने ओसीइएमएस खरीदने के लिए ऑर्डर दिए हैं। जो इकाई सीपीसीबी के निर्देश का पालन नहीं करेंगी, उन पर सीपीसीबी ही कार्रवाई करेगी।
विशेष छूट योजना में बिना सीटीओ संचालित होटल सेवा क्षेत्र इकाइयों को राहत
राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 के अंतर्गत बिना वैध कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) संचालित होटल एवं अन्य सेवा क्षेत्र इकाइयों को नियमों के दायरे में लाने के उद्देश्य से विशेष छूट योजना लागू की है। योजना के तहत होटल, रिसॉर्ट, अस्पताल, मैरिज गार्डन, शैक्षणिक संस्थान, शॉपिंग मॉल, ऑटोमोबाइल सर्विसिंग स्टेशन, कॉल सेंटर, बीपीओ इकाइयां 31 मार्च तक सीटीओ आवेदन कर सकेंगी। सदस्य सचिव कपिल चंद्रावल ने बताया कि यह योजना उन सभी होटल एवं सेवा क्षेत्र इकाइयों पर लागू होगी जो वर्तमान में आरपीसीबी के सीटीओ के अंतर्गत नहीं हैं और पहली बार आवेदन कर रही हैं। ऐसे आवेदकों को कंसेंट टू एस्टेब्लिश एवं कंसेंट टू ऑपरेट के लिए निर्धारित प्रक्रिया एवं शुल्क के अनुसार आवेदन करना होगा। एकमुश्त छूट के रूप में पूर्व वर्षों की बकाया फीस नहीं ली जाएगी, जिन वर्षों से इकाई संचालन में रही है। यह योजना उन इकाइयों पर भी लागू होगी जिनके सीटीओ आवेदन पहले से मंडल में लंबित हैं, चाहे आवेदन की तिथि कोई भी हो। जिन मामलों का निपटारा पहले ही किया जा चुका है, उनमें किसी भी स्थिति में बैक पीरियड फीस की वापसी नहीं की जाएगी। आरपीसीबी ने सभी ग्रु इंचार्ज एवं क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस योजना के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। प्रत्येक आवेदन को प्राप्ति की तिथि से अधिकतम 60 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से निपटाया जाए।
Published on:
13 Jan 2026 06:08 pm

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