भिण्ड. नगरपालिका, राजस्व, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं महिला बाल विकास विभाग सहित एक दर्जन कर्मचारियों की ड्यूटी इस शिविर में लगी थी, लेकिन दोपहर में एक बजे जब पत्रिका टीम पहुंची तब शिविर में वार्ड प्रभारी भीमसेन श्रीवास, अशोक राजपूत, सहायक नोडल अमरीश शुक्ला, सहित महज पांच कर्मचारी मौजूद थे। राजस्व, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी उपलब्ध नहीं थे। हालांकि श्रीवास भी देर से पहुंचे और जब अधिकारियों के सोशल मीडिया संदेश प्रसारित होने लगे तब वे पहुंचे। वहीं नगरपालिका में जल सुनवाई का कोई अलग से सिस्टम नहीं बनाया गया। जल प्रदाय शाखा के प्रभारी अवनीश ठाकुर कार्यालय में ही नहीं थे, कर्मचारी सामान्य दिनों की तरह अपना काम कर रहे थे।
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नगरपालिका में लोगों की समस्याओं की सुनवाई नहीं होती, इसलिए लोग परेशान हैं। शिविर में आए दो लोगों से जब समस्या के समाधान पर चर्चा की तो यह बात सामने आई। चंदनपुरा निवासी प्रियांशु ने बताया कि उनके प्लॉट की रजिस्ट्री वर्ष 2000 में हुई थी। उसी समय नामांतरण के लिए आवेदन नगरपालिका में दिया था, शुल्क भी जमा करवा दिया था, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में फाइल ही लंबे समय तक नहीं मिली, बहुत मुश्किल से फाइल मिली है तो दोबारा से प्रक्रिया पूरी करने को कहा जा रहा है।
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वार्ड दो के जगदीश ने बताया कि दो साल पूर्व तक समग्र परिवार आईडी में परिवार के सभी सदस्यों के नाम सही थे। बाद में बहू प्रियंका का नाम भी जुड़वाया। लेकिन उसका नाम अब राशनकार्ड में अंकित नहीं हो पा रहा है, जिससे खाद्यान्न की पर्ची भी जनरेट नहीं हो पा रही है। जबकि उनकी पत्नी का नाम किसी दूसरी परिवार आईडी में जोड़ दिया है। नगरपालिका में जाते हैं तो सुनवाई नहीं होती है। हालंाकि वार्ड प्रभारी ने भी उन्हें एसडीएम के यहां आवेदन करने की सलाह दी।
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संकल्प से समाधान शिविरों का आयोजन 12 जनवरी को विवेकानंद जयंती से ही शुरू होना था, लेकिन पहले दिन शिविर लगा ही नहीं। वार्ड क्रमांक एक के लिए डाक बंगला परिसर में शिविर की जगह चिह्नित की गई थी, न तो वार्ड में इस तरह की कोई सूचना पहुंची और न ही कोई अधिकारी या कर्मचारी शिविर लगाने पहुंचा। दूसरे दिन भी 11 बजे की जगह दोपहर 12 बजे के बाद शिविर शुरू हो पाया, जिसमें भी कर्मचारी नहीं पहुंचे।
इन कर्मचारियों की लगी थी ड्यूटी शिविर में
वार्ड क्रमांक एक के लिए डाक बंगला परिसर में आयोजित शिविर में भीमसेन श्रीवास, अशोक राजपूत के अलावा पटवारी सत्यम सिकरवार, सामाजिक न्याय विभाग से पंचम सिंह, मलेरिया कार्यालय से महेंद्र सिंह के दल के सााि ही सहयोग के तौर पर दैनिक वेतन भोगी जय कुमार दीक्षित, विनोद बघेल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हेमलता जैन, सुनीता गुप्ता, पुष्पा यादव, सरोज राजावत एवं सरिता तिवारी की ड्यूटी थी।