
The turmoil got entangled in celestial turmoil: Dhulandi remained half-hearted in Bhilwara, the enthusiasm of colours faded under the shadow of the eclipse.
भीलवाड़ा. वस्त्रनगरी में मंगलवार को धुलंडी का पर्व परंपरा और खगोलीय संशय के बीच मिला-जुला रहा। अमूमन रंगों की बौछार और हुड़दंग से सराबोर रहने वाली धुलंडी पर इस बार चंद्रग्रहण के चलते उत्साह की 'रंगत' कुछ कम नजर आई। शहर के इतिहास में संभवत यह पहला मौका था जब धुलंडी के दिन भी 60 प्रतिशत से अधिक बाजार खुले रहे। हालांकि, गलियों में होली है की गूंज सुनाई दी, लेकिन सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ का टोटा रहा। हालांकि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से नेहरू गार्डन में जमकर होली खेली गई।
शहर में धुलंडी पर दोपहर तक बाजार पूरी तरह बंद रखने की पुरानी परंपरा है, लेकिन इस बार नजारा बदला हुआ था। गुलमंडी से लेकर सांगानेरी गेट तक मुख्य बाजारों में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोले रखे। दुकानदारों का तर्क था कि ग्रहण और तिथियों के फेर में इस बार धुलंडी दो दिन मंगलवार और बुधवार को मनाई जा रही है। इसके चलते बाजार बंद करने का विशेष उत्साह नहीं रहा। हालांकि, दुकानों पर ग्राहकी पूरी तरह शून्य रही और व्यापारी बाहर बैठकर चर्चा करते ही नजर आए।
अग्रवाल समाज की ओर से अग्रवाल उत्सव भवन में सामूहिक होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। यहाँ पारंपरिक तरीके से फूलों और गुलाल के साथ होली खेली गई। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने होली है के जयघोष के साथ एक-दूसरे को रंग लगाया, लेकिन यहाँ भी गत वर्षों की तुलना में उपस्थिति कम रही।
धुलंडी के दिन रोडवेज की बसों का संचालन भी सुचारू रहा। इससे यात्रियों को परेशानी नहीं हुई। शहर की कुछ चुनिंदा कॉलोनियों में युवाओं ने डीजे की धुन पर डांस कर त्योहार की औपचारिकता पूरी की। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे, लेकिन लोगों में वह चिर-परिचित जोश गायब दिखा जो भीलवाड़ा की होली की पहचान है।
शहर के प्रमुख चौराहों जैसे सूचना केंद्र, गुलमंडी, सर्राफा बाजार, सांगानेरी गेट, गांधीनगर, शास्त्रीनगर के आस पास पुलिस के जवान तैनात रहे। अमूमन धुलंडी पर बाइकों पर निकलने वाली हुड़दंगी टोलियां इस बार नदारद रहीं। शांतिपूर्ण माहौल तो रहा, लेकिन वह भीलवाड़ा वाली होली की मस्ती गायब रही।
ज्योतिषीय गणनाओं और चंद्रग्रहण के प्रभाव के कारण कई क्षेत्रों में बुधवार को भी रंग खेलने की तैयारी है। मोहल्लों और कॉलोनियों में युवाओं की टोलियां बुधवार को जम कर रंग खेलने की योजना बना रही हैं।
भीलवाड़ा के सरकारी कार्यालयों में लंबी छुट्टी के बाद बुधवार से फिर रौनक लौटेगी। लगातार चार दिनों शनिवार, रविवार, सोमवार को होली और मंगलवार की धुलंडी के अवकाश के बाद अब 4 मार्च को सभी सरकारी दफ्तर खुलेंगे। बुधवार सुबह 9:30 बजे से ही दफ्तरों में कामकाज के लिए लोगों की भीड़ जुटने की संभावना है। लेकिन रंगोत्सव के चलते लोगों के कम आने की संभावना भी है।
Published on:
03 Mar 2026 06:02 pm
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