
Secondary education: Information on surplus personnel sought, causing panic in the department
प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग में अधिशेष (सरप्लस) कार्मिकों के समायोजन की तैयारी तेज हो गई है। संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा अजमेर संभाग और जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) भीलवाड़ा ने मोस्ट अर्जेंट आदेश जारी कर संभाग के सभी स्कूलों से अधिशेष कार्मिकों का डेटा अनिवार्य रूप से तलब किया है। इस आदेश के बाद शिक्षकों और कार्मिकों के बीच हड़कंप मच गया है, क्योंकि यह सूचना सीधे उनके स्थानांतरण और समायोजन से जुड़ी है।
भीलवाड़ा डीईओ कार्यालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार की ओर से यह सूचना तत्काल चाही गई है। ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ विद्यालयों के सभी पदों शिक्षण व गैर-शिक्षण पर कार्यरत अधिशेष कार्मिकों की सूची निर्धारित प्रारूप में एक्सेल शीट पर तैयार कर भिजवाएं।
आदेश में एक महत्वपूर्ण 'नोट' भी दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में केवल महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम और स्वामी विवेकानंद विद्यालयों से सूचना ली गई थी, लेकिन अब यह डेटा समस्त माध्यमिक सेटअप के विद्यालयों के लिए अनिवार्य है। यानी अब विभाग के हर स्कूल को अपने यहां मौजूद अतिरिक्त स्टाफ का पूरा ब्योरा देना होगा।
प्रशासन ने सूचना के लिए एक विशिष्ट प्रारूप जारी किया है। इसमें कई जानकारियां मांगी गई हैं। इसमें कार्मिक का नाम, पद और विषय। किस दिनांक से कार्मिक अधिशेष हुआ। मूल विद्यालय जहाँ से अधिशेष हुआ और वर्तमान में कार्यरत विद्यालय का नाम शामिल है।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार अधिशेष कार्मिकों का डेटा संकलित किया जा रहा है। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है ताकि पारदर्शिता के साथ अग्रिम कार्रवाई की जा सके। सूचना के लिए सभी सीबीईओ को निर्देश दिए हैं।
राजेंद्र कुमार गग्गड़, जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), माध्यमिक शिक्षा
Published on:
11 Mar 2026 08:49 am
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