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संघ का शताब्दी वर्ष: भीलवाड़ा में गूंजा वन्दे मातरम, जागी राष्ट्रभक्ति की अलख

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को वस्त्रनगरी पूरी तरह भगवा रंग में रंगी नजर आई। शहर की 19 बस्तियों में हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के माध्यम से न केवल समाज को एकजुट होने का संदेश दिया गया, बल्कि परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता की […]

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The Sangh's centenary year: Vande Mataram echoed in Bhilwara, awakening the spirit of patriotism.

The Sangh's centenary year: Vande Mataram echoed in Bhilwara, awakening the spirit of patriotism.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को वस्त्रनगरी पूरी तरह भगवा रंग में रंगी नजर आई। शहर की 19 बस्तियों में हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के माध्यम से न केवल समाज को एकजुट होने का संदेश दिया गया, बल्कि परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता की शपथ भी दिलाई गई। सुबह से ही शहर के विभिन्न कोनों में भारत माता की जय और वन्दे मातरम के गगनभेदी जयघोष सुनाई देने लगे। 18 जनवरी से शुरू हुआ यह सिलसिला 8 फरवरी तक चलेगा। इसके तहत कुल 60 सम्मेलन होने हैं। रविवार को दूसरे चरण में पथिक नगर, शास्त्री नगर, वर्धमान नगर सहित 19 स्थानों पर हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु और स्वयंसेवक जुटे।

शौर्य प्रदर्शन और झांकियों ने मोहा मन

पथिक नगर में दुर्गा शक्ति अखाड़ा और बजरंग दल के युवाओं ने हैरत अंगेज अखाड़ा प्रदर्शन कर शौर्य का परिचय दिया। अग्रवाल भवन में सम्मेलन से पूर्व नारायणी देवी सर्कल से निकली वाहन रैली में 501 कलशों के साथ घोड़े पर सवार शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और राम मंदिर की सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वर्धमान नगर से 300 से अधिक महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर अपनी संस्कृति के प्रति अटूट आस्था प्रकट की।

संतों का आह्वान

बालाजी बस्ती में जैन संत रविंद्र मुनि एवं विकसित मुनि ने कहा कि हमें जाति और वर्ग की संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर सनातन एकता को मजबूत करना होगा। सालासर बालाजी बस्ती का सम्मेलन भोपालपुरा स्थित सामुदायिक भवन में हुआ। सम्मेलन में दिगंबर जैन मुनि आदित्य सागर एवं महंत हंसराम के सानिध्य में धर्म और संस्कारों की रक्षा पर बल दिया गया। सम्मेलन को राजस्थान क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य हनुमान सिंह, नेचुरापेथी चिकित्सक अर्पिता दाधीच, आयोजन समिति अध्यक्ष प्रदीप कांकरिया ने सम्बोधित किया। कलश यात्रा में श्रीराम परिवार, भगवान महादेव, शिवाजी महाराज, झांसी की रानी, कृष्ण राधा, भारत माता, लक्ष्मी माता, सरस्वती माता की झांकिया शामिल थे। सम्मेलन के बाद सामूहिक भोज का आयोजन हुआ।

कुरीतियों के विरुद्ध और संस्कृति के पक्ष में हुंकार

संघ के विभाग कार्यवाहक रामधन गुर्जर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ही विश्व की समस्त समस्याओं का समाधान निहित है। उन्होंने संस्कारों की रक्षा और सामाजिक समरसता को राष्ट्र निर्माण की पहली सीढ़ी बताया। विभाग प्रचारक दीपक और अन्य वक्ताओं ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में हिंदुत्व की मजबूती और धर्म के संरक्षण को अनिवार्य बताया। कवि संजीव दाधीच की देशभक्ति कविता ने जनसमूह में राष्ट्रप्रेम का संचार किया। प्रस्तावना डॉ. सुनीलराय पोरवाल ने रखी। संचालन शिव पगारिया ने किया। सम्मेलन से पूर्व शिव मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। अध्यक्ष अशोक श्रोत्रिय ने आभार जताया। अग्रवाल भवन में पथिक नगर, माधव नगर, चित्रकूट नगर, पथिक नगर विस्तार का सम्मेलन निंबार्क आश्रम के महंत मोहन शरण शास्त्री तथा वीतराग मुनि के सानिध्य में हुआ।

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