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पारंपरिक खेती को पछाड़कर ‘मेक्सिकन सुपरफूड’ से चमक रही किस्मत

- भीलवाड़ा के किसान का कमाल: 50 हजार की लागत, 3 लाख का मुनाफा - न जंगली जानवरों का डर, न ज्यादा पानी की जरूरत

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Outperforming traditional farming, fortunes are shining with this 'Mexican superfood'.

Outperforming traditional farming, fortunes are shining with this 'Mexican superfood'.

एक ओर बढ़ती लागत और गिरते भू-जल स्तर के कारण पारंपरिक खेती किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है, वहीं जिले के भगवानपुरा निवासी एक प्रगतिशील किसान ने लीक से हटकर नई राह दिखाई है। युवा किसान राहुल सोलंकी ने अपनी 4 बीघा जमीन पर 'मेक्सिकन सुपरफूड' कहे जाने वाले चिया सीड और अश्वगंधा जैसी औषधीय फसलों की खेती कर आधुनिक कृषि का नया मॉडल पेश किया है। राहुल न केवल लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं, बल्कि उन्होंने खेती की लागत को भी आधा कर दिया है।

केले से 10 गुना ज्यादा फाइबर, दूध से ज्यादा कैल्शियम

राहुल सोलंकी बताते हैं कि चिया सीड मुख्य रूप से सुपरफूड की श्रेणी में आता है। इसमें कैल्शियम और फाइबर की मात्रा दूध और केले की तुलना में 10 गुना तक अधिक होती है। इसे हृदय रोग से बचाव और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए रामबाण माना जाता है। सुबह-शाम इसे पानी, दूध, दही या जूस के साथ लिया जा सकता है। बाजार में बढ़ती सेहत के प्रति जागरुकता के कारण इसकी मांग दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।

गणित मुनाफे का: लागत कम, आमदनी 'सुपर'

औषधीय खेती की सबसे बड़ी खासियत इसका कम खर्च है। राहुल के अनुसार एक बीघा में मात्र 700 ग्राम बीज की आवश्यकता होती है। पूरी फसल के दौरान मात्र तीन बार सिंचाई की जरूरत होती है। कड़वा स्वाद होने के कारण जंगली जानवरों या आवारा पशुओं के नुकसान का कोई डर नहीं। एक बीघा में 3 से 4 क्विंटल उत्पादन होता है। नीमच मंडी में यह 150 से 250 रुपए प्रति किलो बिकता है, जबकि बाजार में फुटकर भाव 1000 रुपये प्रति किलो तक है।

किसानों को अपनाना होगा नवाचार

राहुल सोलंकी का कहना है कि किसानों को अब नवाचार अपनाना होगा। चिया सीड जैसी फसलें कम पानी और कम मेहनत में बेहतर रिटर्न देती हैं। मैंने रासायनिक खर्चों को कम कर तकनीक पर जोर दिया, जिससे लागत आधी रह गई और मुनाफा बढ़ गया।

निर्यात में भारत की लंबी छलांग

चिया सीड न केवल देश बल्कि विदेशों में भी अपनी धाक जमा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 के दौरान भारत से चिया सीड्स के निर्यात में 36 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। भारत मुख्य रूप से अमेरिका, यूएई, वियतनाम और सिंगापुर जैसे देशों को इसकी आपूर्ति कर रहा है।

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