
Mega-Alert: Old TDS mistakes will not be rectified after March 31
करदाताओं, व्यवसायियों और कर सलाहकारों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। आयकर अधिनियम 2025 के नए प्रावधानों के तहत अब पुराने टीडीएस और टीसीएस करेक्शन स्टेटमेंट दाखिल करने की अंतिम समय-सीमा 31 मार्च 2026 तय कर दी गई है। 1 अप्रेल 2026 से आयकर विभाग का सिस्टम पुराने सालों की गलतियों के सुधार को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा। यह चेतावनी पटेल नगर स्थित आईसीएआई भवन में आयकर विभाग और आईसीएआई भीलवाड़ा शाखा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक जागरूकता संगोष्ठी में दी गई।
आयकर अधिकारी (टीडीएस) दिलीप सिंह राठौड़ ने टीडीएस प्रावधानों में हुए बड़े संशोधनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आयकर अधिनियम 2025 की धारा 397(3)(f) का हवाला देते हुए बताया कि निम्नलिखित अवधियों के लिए तुरंत सुधार आवश्यक है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि चालान मिसमैच, पैन त्रुटि, शॉर्ट डिडक्शन या अनमैच्ड एंट्री लंबित है, तो उसे 31 मार्च से पहले दुरुस्त कर लें। ऐसा न करने पर करदाताओं को स्थायी डिमांड, व्यावसायिक खर्चों की अस्वीकृति, भारी ब्याज और दंड की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, लाभार्थियों को टैक्स-क्रेडिट मिलने में भी भारी परेशानी होगी।
कार्यक्रम में यह तथ्य प्रमुखता से सामने आया कि पहले करेक्शन स्टेटमेंट दाखिल करने के लिए 6 साल तक का समय मिलता था, लेकिन अब इस अवधि को घटाकर मूल स्टेटमेंट दाखिल करने की तारीख से मात्र 2 वर्ष कर दिया गया है। ऐसे में समय रहते त्रुटियों का निराकरण करना अत्यंत आवश्यक हो गया है, अन्यथा गलतियां स्थायी हो जाएंगी।
सीए जीपी सिंघल ने कहा कि टीडीएस कानूनों में लगातार हो रहे बदलावों के बीच प्रोफेशनल्स का ज्ञान होना जरूरी है। उन्होंने सभी व्यवसायियों से अपील की कि वे अपने टीडीएस रिकॉर्ड्स की तत्काल समीक्षा करें। शाखा अध्यक्ष दिनेश सुथार ने बताया कि ऐसे आयोजनों से सदस्यों को व्यावहारिक कार्यों में बड़ी मदद मिलती है।
सचिव पुलकित राठी ने बताया कि सेमिनार में केसी अजमेरा, अतुल सोमानी, बीबी गुप्ता, आरएल बिरला, प्रदीप बंसल सहित कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे। वहीं, आयकर विभाग की ओर से नवीन बंसल, मनोज कुमार और विशाल बैरवा ने भी शिरकत की।
Published on:
01 Mar 2026 09:57 am
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