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सरकारी स्कूलों की ‘गंदगी’ से मिलेगी मुक्ति, अब पंचायतें संभालेंगी सफाई का जिम्मा

- स्वच्छ भारत मिशन: भीलवाड़ा के स्कूलों में चमचमाएंगे परिसर और शौचालय - पीएमश्री स्कूलों से होगी शुरुआत

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Government schools will be freed from 'filth'; now panchayats will take over the responsibility of cleaning.

Government schools will be freed from 'filth'; now panchayats will take over the responsibility of cleaning.

सरकारी स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही सफाई की समस्या का अब स्थाई समाधान होने जा रहा है। अब पंचायत राज विभाग सीधे तौर पर सरकारी स्कूलों के परिसर और शौचालयों की सफाई करवाएगा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की निदेशक सलोनी खेमका ने इस संबंध में आदेश जारी कर नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

नए आदेशों के अनुसार अब सफाई का काम केवल स्कूल के बाहर तक सीमित नहीं रहेगा। चारदीवारी के अंदर का पूरा परिसर और शौचालयों की सफाई की जिम्मेदारी पंचायतों की होगी। इसके लिए विशेष संवेदकों को नियुक्त किया गया है। ये संवेदक न केवल कचरा इकट्ठा करेंगे, बल्कि शौचालयों की स्वच्छता का भी ध्यान रखेंगे, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए एक स्वच्छ और स्वास्थ्यप्रद माहौल मिल सके।

पहले चरण में 10 'पीएमश्री' स्कूल शामिल

जिले में इस योजना का आगाज प्रथम चरण में 10 पीएमश्री स्कूलों से किया जा रहा है। इन स्कूलों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। सफलता मिलने के बाद पंचायतें अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी राजकीय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में इस व्यवस्था को लागू करेंगी।

पत्रिका व्यू: शिक्षकों को मिलेगी राहत, बच्चों को स्वास्थ्य

अब तक सरकारी स्कूलों में सफाई का जिम्मा अक्सर विद्यार्थियों या सहयोग के भरोसे रहता था। इससे शैक्षणिक कार्यों पर भी असर पड़ता था। पंचायतों को यह जिम्मेदारी सौंपने से स्कूलों में स्वच्छता का स्तर सुधरेगा। आवश्यकता इस बात की है कि पंचायतें इसे केवल कागजों तक सीमित न रखें और ग्राणीण क्षेत्रों में इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए।