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वादाखिलाफी: बजट में मानदेय नहीं बढ़ा तो भड़कीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

न 13,500 का वादा पूरा हुआ, न मिली 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी, अब चरणबद्ध आंदोलन होगा राज्य सरकार के बजट से उम्मीद लगाए बैठीं प्रदेश भर की हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों को निराशा हाथ लगी है। वित्त मंत्री दिया कुमारी की ओर से पेश किए गए बजट में मानदेय में एक रुपए […]

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Anganwadi workers got angry when their honorarium was not increased in the budget.

Anganwadi workers got angry when their honorarium was not increased in the budget.

न 13,500 का वादा पूरा हुआ, न मिली 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी, अब चरणबद्ध आंदोलन होगा

राज्य सरकार के बजट से उम्मीद लगाए बैठीं प्रदेश भर की हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों को निराशा हाथ लगी है। वित्त मंत्री दिया कुमारी की ओर से पेश किए गए बजट में मानदेय में एक रुपए की भी बढ़ोतरी नहीं होने से आंगनबाड़ी कार्मिकों का धैर्य जवाब दे गया है। इसे 'धोखा' करार देते हुए भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से संबद्ध संगठनों ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

बैठक के बाद जिला अध्यक्ष रजनी शक्तावत ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह बजट हकीकत कम और 'कोरी घोषणा' ज्यादा है। मुख्यमंत्री ने मंच से हर साल मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की थी। लेकिन सरकार अपने दोनों वादों से मुकर गई। शक्तावत ने बताया कि सरकार की वादाखिलाफी की सूची लंबी है। गत बजट (2025-26) में आंगनबाड़ी कार्मिकों को सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त आर्थिक सहयोग राशि देने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक उसकी क्रियान्विति के आदेश जारी नहीं हुए।

अब सड़क पर उतरने की तैयारी: 3 चरणों में होगा आंदोलन

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय किया कि सरकार की इस बेरुखी का जवाब चरणबद्ध आंदोलन से दिया जाएगा। प्रथम चरण के तहत प्रदेश के सभी जिलों से मुख्यमंत्री को सामूहिक ईमेल भेजकर मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग की जाएगी। द्वितीय चरण में जिला स्तर पर आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

घोषणा पत्र के वादे पूरे करे सरकार

मानदेय कर्मियों के साथ यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को अपने घोषणा पत्र और मुख्यमंत्री को अपने मंच से किए गए वादों को याद रखना चाहिए। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो संगठन चुप नहीं बैठेगा।

- हरीश सुवालका, जिला मंत्री, भारतीय मजदूर संघ