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रूस के हमले से पहले आखिरी फ्लाइट में यूक्रेन से लौटा छत्तीसगढ़ का छात्र यश, बताया खौफनाक मंजर का आंखों देखा हाल

Russia Ukraine War: यह आंसू उस खुशी के थे जो अपने बेटे को अपनी आंखों के सामने सही सलामत देख पा रहे थे। यूक्रेन में यश पिछले चार साल से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Feb 26, 2022

रूस के हमले से पहले आखिरी फ्लाइट में यूक्रेन से लौटा छत्तीसगढ़ का छात्र यश, बताया खौफनाक मंजर का आंखों देखा हाल

रूस के हमले से पहले आखिरी फ्लाइट में यूक्रेन से लौटा छत्तीसगढ़ का छात्र यश, बताया खौफनाक मंजर का आंखों देखा हाल

भिलाई. रूस और यूक्रेन के बीच पहले भी ऐसे हालात बने थे, लेकिन इस बार स्थिति ऐसी होगी सोचा भी नहीं था। यहां बार-बार मम्मी रो-रो कर वापस आने की मिन्नतें करती थी और हमें लगता था सब कुछ सामान्य है, लेकिन जब थोड़ा सा अंदेशा हुआ कि यहां रुकना बड़ी मुसीबत में फंसने जैसा है तो किसी तरह उस आखिरी फ्लाइट को पकड़ा जो कतर होते हुए दिल्ली पहुंचा। मरोदा निवासी शैलेन्द्र और आशा दीवान का बेटा यश जब अपनी बात कर रहा था तो पास बैठी उनकी मां की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे।

कतर पहुंचकर मिली हमले की खबर
यह आंसू उस खुशी के थे जो अपने बेटे को अपनी आंखों के सामने सही सलामत देख पा रहे थे। यूक्रेन में यश पिछले चार साल से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। यश ने बताया कि घर तक पहुंचने का रास्ता काफी मुसीबतों भरा था, जब तक कतर नहीं पहुंचे थे, तब तक तो आसान लग रहा था, लेकिन कतर पहुंचकर पहली बार टीवी पर यूक्रेन और रूस के हमले की खबर और वहां का नजारा देखा तो सबसे पहले भोलेनाथ का शुक्रिया अदा किया कि उनकी कृपा से वह उस खौफनाक मंजर से बाहर निकल आया।

एयरपोर्ट पर खड़े थे टैंक
यश ने बताया कि उसने घर आने का फैसला लिया तो कुछ और भारतीय छात्र भी उनके साथ हो लिए। कई आना चाहते थे पर वहां अचानक बढ़े टिकट के दाम की वजह से वे पीछे हट गए। शायद उन्हें उम्मीद भी थी कि सबकुछ सामान्य हो जाएगा। वे सब जब फ्लाइट के लिए एयरपोर्ट पहुंचे तो वहां खड़े टैंक और फोर्स को देख उन्हें समझ आ गया कि हालात कभी भी खराब हो सकते हैं। उसने बताया कि यूक्रेन से भिलाई आने में सामान्यत: 35 हजार खर्च होते थे, लेकिन इस बार 50 से 60 हजार रुपए तक के टिकट लेने पड़े।

दोस्तों के पास खाने तक को नहीं
यश ने बताया कि वह 23 फरवरी को भिलाई पहुंचे और जब दोस्तों से बात की तो पता चला कि सभी को मेट्रो स्टेशन के कैपस में रखा गया है। वहां खाने तक को कुछ नहीं है। जो कुछ उनके पास था खत्म हो चुका है। सुपर मार्केट से चीजे ंखत्म हो गई है। उन्होंने बताया कि उस वक्त पर अगर एंबेसी मदद करती तो शायद सभी छात्र पहले ही वहां से निकल कर सुरक्षित भारत पहुंच गए होते।

विधायक वोरा ने किया यूक्रेन में फंसी छात्रा से बात
यूक्रेन के खारखीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही दीप्ती पांडेय के पिता अशोक पांडेय से विधायक अरुण वोरा ने मुलाकात की। दीप्ती से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत के दौरान वोरा ने कहा कि भिलाई के सभी बच्चों की शीघ्र भारत वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा इस संबंध में उच्च स्तरीय पहल की जा रही है। वोरा ने दीप्ती से कहा कि चिंता न करें। शीघ्र ही आप लोगों की सकुशल भारत वापसी हो जाएगी।

भोजन की कमी है
वोरा से बातचीत के दौरान दीप्ती ने बताया कि उन्होंने अन्य स्टूडेंट्स के साथ हॉस्टल के बेसमेंट में रात गुजारी है। यहां भोजन की कमी हो गई है। स्नैक्स के सहारे ही रहना पड़ रहा है। ज्यादातर समय मोबाइल बंद रखते हैं क्योंकि बैट्री खत्म होने का अंदेशा है। दीप्ती ने वोरा को बताया कि सुबह होने पर बेसमेंट से वापस हॉस्टल के कमरे में रहने आ गए हैं। सुबह से यहां स्नो फॉल होने के कारण ठंड काफी बढ़ गई है।

वोरा ने दीप्ती का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जरा भी चिंता न करें। बाद में वोरा ने कलेक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे से भी चर्चा की। वोरा ने कलेक्टर से कहा है कि दीप्ती सहित अन्य स्टूडेंट्स की वापसी के लिए आवश्यक व्यवस्था करने उच्च स्तर पर लगातार प्रयास जारी रखें। वोरा ने इस मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शीघ्र मुलाकात की भी बात कही।