भरतपुर, May 27, 2026

पापा के जन्मदिन पर हाथों में गुल्लक लिए बैठी हुई प्रियल। फोटो- पत्रिका
नदबई। राजथान के भरतपुर जिले के नदबई कस्बे में एक मासूम बेटी का दर्द ऐसा मंजर लेकर आया, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। मृतक ज्वेलर योगेंद्र चोपड़ा का जन्मदिन था, लेकिन खुशियों की जगह उनके घर में सन्नाटा और आंसुओं का माहौल पसरा हुआ था। योगेंद्र चोपड़ा की दो महीने पहले लूट के दौरान निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था, लेकिन सबसे बड़ा सदमा उनकी मासूम बेटी प्रियल चोपड़ा को लगा, जो आज भी अपने पिता की यादों में डूबी हुई है।
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प्रियल चोपड़ा ने अपने पापा ज्वेलर योगेंद्र चोपड़ा का जन्मदिन खास बनाने के लिए पिछले एक साल से अपनी छोटी-छोटी खुशियों का त्याग कर गुल्लक में एक-एक रुपए जोड़ना शुरू किया था। हर सिक्के के साथ उसके मन में एक ही सपना था कि इस बार वह अपने हाथों से पापा को उपहार देगी। वह हर साल इसी तरह अपने पिता को जन्मदिन पर सरप्राइज देती थी, लेकिन इस बार किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जिन हाथों में उपहार होना था, आज उन्हीं हाथों में टूटा हुआ सपना और आंखों में आंसू हैं।
जब पिता का जन्मदिन आया तो प्रियल अपनी गुल्लक को सीने से लगाकर फूट-फूट कर रो पड़ी। उसकी मासूम जुबान से निकले शब्दों ने हर किसी का दिल हिला दिया। प्रियल ने भावुक होकर कहा, मैं ये पैसे पापा के लिए जोड़ रही थी… लेकिन अब पापा नहीं हैं… तो मैं ये पैसे पुलिस अंकल को दूंगी, ताकि वो उन गंदे अंकलों को पकड़ लें, जिन्होंने मेरे पापा को मुझसे छीन लिया। एक छोटी बच्ची के मुंह से इंसाफ की ऐसी पुकार सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
जिस उम्र में बच्चे खिलौनों और चॉकलेट की दुनिया में खोए रहते हैं, उस उम्र में प्रियल इंसाफ की बात कर रही है। उसकी गुल्लक में सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि अपने पिता के लिए अपार प्यार, अधूरे सपने और टूटे हुए बचपन की कहानी कैद है। प्रियल की यह मासूम अपील अब पूरे समाज और प्रशासन के लिए एक संदेश बन गई है कि इस दर्दनाक घटना के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए।
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Updated on: 27 May 2026 06:29 pm

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