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डिग्री नहीं हो सकती डिप्लोमा का विकल्प : सुप्रीम कोर्ट

भर्ती का मुद्दा: हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई मुहर

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भारत

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ANUJ SHARMA

Nov 09, 2025

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट। (फोटो- एएनआई)

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि डिग्री किसी भी हाल में डिप्लोमा का विकल्प नहीं हो सकती। डिप्लोमा और डिग्री दो अलग-अलग योग्यताएं हैं। डिग्री को डिप्लोमा का उच्च संस्करण नहीं माना जा सकता। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बीटेक डिग्रीधारकों की याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने यूपी में जूनियर इंजीनियर पदों पर तय नियमों भी जायज बताया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने जूनियर इंजीनियर (मैकेनिकल) पदों पर भर्ती के लिए सिर्फ डिप्लोमा धारकों को पात्र बनाने के उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के निर्णय पर भी मुहर लगा दी। हाईकोर्ट ने 22 नवंबर, 2019 को फैसला सुनाते हुए कहा था कि जब पात्रता सिर्फ डिप्लोमा निर्धारित की गई थी तो डिग्री धारकों को पात्र नहीं माना जा सकता। इस फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।

डिप्लोमा धारकों को मांगे थे आवेदन

भर्ती नियमों के अनुसार, पात्रता के लिए केवल डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग आवश्यक था। आयोग ने केवल डिप्लोमा धारकों से आवेदन मांगे थे, डिग्रीधारकों के आवेदन स्वीकार नहीं किए थे। डिग्रीधारकों का तर्क था कि उच्च योग्यता (डिग्री) होने के बावजूद उन्हें आवेदन से वंचित नहीं किया जाना चाहिए था। उनका कहना था कि डिप्लोमा को डिग्री का हिस्सा माना जाता है, इसलिए वे भी आवेदन के हकदार हैं। हालांकि, हाईकोर्ट ने आयोग के तर्क को सही मानते हुए डिग्रीधारकों की याचिका खारिज कर दी थी।


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