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राब को नहीं परोस रहे साब… राजस्थान के जिन 3 जिलों में बाजरा सबसे ज्यादा पैदा होता है, वहां भी आदेश ‘हवा हवाई’

राब को नहीं परोस रहे साब...ग्रीन टी और ब्लैक कॉफी को बढ़ा रहे। श्री अन्न के प्रोत्साहन के आदेश रहे धरे।

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Photo- Patrika

बाड़मेर। करीब एक साल पहले श्री अन्न (मिलेट्स) के प्रोत्साहन के लिए तय हुआ था कि सरकारी बैठकों में कचौरी-समोसा- आलू चिप्स और चाय की चुस्कियां लेना बंद होगा। श्री अन्न यानि मोटे अनाज जिसमें भी विशेष बाजरे के उत्पाद सरकारी बैठकों में प्लेट में होंगे।

सूप की जगह बाजरे की राब परोसने मशविरा भी था लेकिन यह आदेश धरा ही रहा। न तो अधिकारियों ने इसकी परवाह की और न ही जनप्रतिनिधियों ने। बाड़मेर-बालोतरा-जैसलमेर तीनों जिले जहां सर्वाधिक बाजरा उत्पादित होता है, वहां पर भी यह आदेश अमल में नहीं लाने से श्री अन्न का प्रोत्साहन फीका पड़ गया है।

श्री अन्न (मिलेट्स) को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने दिसंबर 2024 में मिलेट्स (श्री अन्न) को प्रमोशन एजेंसी की स्थापना करने की घोषणा की थी। साथ ही इसके प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। इसी के तहत एक आदेश जारी किया गया है कि राजकीय कार्यक्रमों, प्रशिक्षण बैठकों, कर्याशालाओं में मिलेट़्स से बने उत्पाद उपयोग में लिए जाए।

इसमें बिस्किट, रस्क, नमकीन, लड्डू, चूरमा, खिचड़ी, राब, हलवा, उपमा, चिला शामिल किए जाए। बैठकों में इनमें से कम से कम एक व्यंजन परोसना ही होगा।

डाक बंगलों में भी नहीं चला

सरकारी डाक बंगला और सर्किट हाउस में भी अब खाने के ऑर्डर के साथ में एक व्यंजन बाजरे का हो, ऐसा इंतजाम किया गया। आदेश जारी होने के बाद ऑर्डर में न तो अधिकारी बाजरे को लेकर बात कर रहे हैं और न ही अन्य।

59 विभागों को जारी आदेश

बाड़मेर जिले के 59 विभागों को यह आदेश जारी किया गया था। इसकी पालना पहले ही दिन से करने के भी निर्देश जारी कर दिए गए। एक साल में पंचायत समिति, जिला परिषद, जिला कलेक्ट्रेट में होने वाली बैठकों में भोजन के ऑर्डर स्थानीय स्तर पर हो रहे हैं। इसमें बाजरे की बजाय सामान्य थाली आज भी परोसी जा रही है।

क्यों हुआ था ऐसा

संयुक्त राष्ट्र संघ की ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया। भारत में सर्वाधिक बाजरे का उत्पादन हो रहा है और उसमें राजस्थान अव्वल है। राज्य सरकार ने बजट में भी श्री अन्न को बढ़ावा देने की बात कही थी। इसलिए यह आदेश जारी किए गए थे।

संसद में पसंद किया गया था

श्री अन्न को लेकर 2023 में तात्कालीन केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने एक कार्यक्रम में श्री अन्न को बढ़ावा देने के लिए बालोतरा के मनमोहन माली और उनकी टीम के साथ में बाजरे के उत्पाद का राज्यसभा और लोकसभा के सभी सदस्यों के लिए संयुक्त भोज में किया था। इसको बेहद पसंद किया गया था। तब यह भी तय हुआ था कि राजस्थान के प्रत्येक जिले में ऐसा आयोजन हो तो श्री अन्न का प्रमोशन होगा, लेकिन इसके बाद कुछ नहीं हुआ।

यों बढ़ावा दें तो बात बने

जैसलमेर में मरू महोत्सव में बाजरा के उत्पादों का एक दिन का पूरा फेस्टिवल हो, जिसमें इन उत्पादों के स्टॉल लगाकर बिक्री हो। देसी-विदेशी पर्यटक इसे चाव से खाएंगे

बालोतरा में सर्दियों की छुट्टियों में आसोतरा, नाकोड़ा, जसोल में लाखों धार्मिक पर्यटक पहुंचते हैं। यहां पर भी तीन दिवसीय बाजरा महोत्सव मनाया जाए तो यह बालोतरा के पर्यटन के लिए यह नया आयाम होगा

बाड़मेर में हैण्डीक्राफ्ट और बाड़मेर के उत्पादों को लेकर कई संस्थाएं राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर रही है। इन संस्थाओं की ओर से भी बाजरा उत्सव मनाया जा सकता है।

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